नए खतरनाक ड्रग ‘साइक्लोर्फिन’ को लेकर झारखंड में एटीएस अलर्ट

नए खतरनाक ड्रग ‘साइक्लोर्फिन’ को लेकर झारखंड में एटीएस अलर्ट

झारखंड पुलिस की आतंकवाद निरोधी इकाई (एटीएस) ने राज्य के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को एक विशेष इंटेलिजेंस अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से उभर रहे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग ‘साइक्लोर्फिन’ को लेकर जारी किया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और इंटरनेशनल नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड ने इस ओपिओइड के बढ़ते प्रचलन पर गंभीर चिंता जताई है। एटीएस मुख्यालय के अनुसार 20 जनवरी को आईएनसीबी द्वारा जारी विशेष चेतावनी के बाद झारखंड एटीएस के एसपी ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और रेंज डीआईजी को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस इकाइयों को कहा गया है कि इस ड्रग से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल जानकारी एनसीबी को दी जाए। सिंथेटिक ओपिओइड को लेकर बढ़ी चिंता साइक्लोर्फिन एक शक्तिशाली सिंथेटिक नशीला पदार्थ है। सिंथेटिक ओपिओइड प्रयोगशाला में तैयार किए जाने वाले शक्तिशाली या नशीले रसायन होते हैं। इनका दुरुपयोग जानलेवा साबित हो सकता है। कई देशों में इनसे ओवरडोज और तस्करी के मामले तेजी से बढ़े हैं। ये पदार्थ अक्सर पाउडर, टैबलेट या अन्य मिश्रित रूप में तस्करी किए जाते हैं और कम मात्रा में भी उच्च प्रभाव के कारण ड्रग नेटवर्क में इनकी मांग रहती है। झारखंड पुलिस की आतंकवाद निरोधी इकाई (एटीएस) ने राज्य के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को एक विशेष इंटेलिजेंस अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से उभर रहे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग ‘साइक्लोर्फिन’ को लेकर जारी किया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और इंटरनेशनल नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड ने इस ओपिओइड के बढ़ते प्रचलन पर गंभीर चिंता जताई है। एटीएस मुख्यालय के अनुसार 20 जनवरी को आईएनसीबी द्वारा जारी विशेष चेतावनी के बाद झारखंड एटीएस के एसपी ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और रेंज डीआईजी को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस इकाइयों को कहा गया है कि इस ड्रग से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल जानकारी एनसीबी को दी जाए। सिंथेटिक ओपिओइड को लेकर बढ़ी चिंता साइक्लोर्फिन एक शक्तिशाली सिंथेटिक नशीला पदार्थ है। सिंथेटिक ओपिओइड प्रयोगशाला में तैयार किए जाने वाले शक्तिशाली या नशीले रसायन होते हैं। इनका दुरुपयोग जानलेवा साबित हो सकता है। कई देशों में इनसे ओवरडोज और तस्करी के मामले तेजी से बढ़े हैं। ये पदार्थ अक्सर पाउडर, टैबलेट या अन्य मिश्रित रूप में तस्करी किए जाते हैं और कम मात्रा में भी उच्च प्रभाव के कारण ड्रग नेटवर्क में इनकी मांग रहती है।  

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