गयाजी में रामनवमी के पावन अवसर पर भक्ति और श्रद्धा का माहौल है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सुबह की पहली आरती के साथ ही लोगों का मंदिरों में पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता जा रहा है, भीड़ का दबाव भी उतनी तेजी से लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर में हनुमान मंदिरों के अलावा शहर के प्रमुख मंदिरों विष्णुपद, राम-जानकी मंदिर, मंगलागौरी और काली मंदिरों में भारी भीड़ देखी गई। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव पर पूजा-अर्चना करने पहुंचे। मंदिरों को फूल-मालाओं और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। रामायण पाठ और सुंदरकांड का आयोजन जय श्रीराम के उद्घोष और भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। कई जगहों पर अखंड रामायण पाठ और सुंदरकांड का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। मंदिरों के बाहर प्रसाद वितरण का भी विशेष इंतजाम किया गया है। आचार्य अजय मिश्र ने बताया कि यह पावन दिन हर सनातन के लिए खुशी और भक्ति का पर्व है। भगवान श्रीराम, उनके अनन्य भक्त श्री हनुमान और मां भगवती की पूजा बल प्रदान करता है। लोगों को शात्रोक्त कर्म की प्रेरणा देता है। सुरक्षा के पुलिस तैनात रामनवमी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। संवेदनशील और प्रमुख स्थानों सहित पूरे जिले में करीब 100 जगहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग की गई, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सक। पुलिस अधिकारी लगातार गश्त करते नजर आए, वहीं स्वयंसेवी संगठन भी श्रद्धालुओं की मदद में जुटे रहे। प्रशासन का दावा है कि पूरे दिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। गयाजी में रामनवमी के पावन अवसर पर भक्ति और श्रद्धा का माहौल है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सुबह की पहली आरती के साथ ही लोगों का मंदिरों में पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता जा रहा है, भीड़ का दबाव भी उतनी तेजी से लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर में हनुमान मंदिरों के अलावा शहर के प्रमुख मंदिरों विष्णुपद, राम-जानकी मंदिर, मंगलागौरी और काली मंदिरों में भारी भीड़ देखी गई। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव पर पूजा-अर्चना करने पहुंचे। मंदिरों को फूल-मालाओं और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। रामायण पाठ और सुंदरकांड का आयोजन जय श्रीराम के उद्घोष और भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। कई जगहों पर अखंड रामायण पाठ और सुंदरकांड का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। मंदिरों के बाहर प्रसाद वितरण का भी विशेष इंतजाम किया गया है। आचार्य अजय मिश्र ने बताया कि यह पावन दिन हर सनातन के लिए खुशी और भक्ति का पर्व है। भगवान श्रीराम, उनके अनन्य भक्त श्री हनुमान और मां भगवती की पूजा बल प्रदान करता है। लोगों को शात्रोक्त कर्म की प्रेरणा देता है। सुरक्षा के पुलिस तैनात रामनवमी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। संवेदनशील और प्रमुख स्थानों सहित पूरे जिले में करीब 100 जगहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग की गई, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सक। पुलिस अधिकारी लगातार गश्त करते नजर आए, वहीं स्वयंसेवी संगठन भी श्रद्धालुओं की मदद में जुटे रहे। प्रशासन का दावा है कि पूरे दिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।


