लखनऊ से अंतरिक्ष तक का सफर:एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को मिल सकता है यूपी गौरव सम्मान

लखनऊ से अंतरिक्ष तक का सफर:एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को मिल सकता है यूपी गौरव सम्मान

अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराने वाले भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और गगनयान मिशन के लिए चयनित अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को लेकर उत्तर प्रदेश में सम्मान की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचकर इतिहास रचने वाले लखनऊ के इस लाल को यूपी गौरव सम्मान दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर यदि यह सम्मान मिलता है, तो यह प्रदेश के लिए भी एक ऐतिहासिक क्षण होगा। 24 जनवरी को हो सकता है सम्मान का ऐलान सूत्रों के मुताबिक, यूपी गौरव सम्मान को लेकर 24 जनवरी को आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश दिवस समारोह में महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्रस्तावित है। हालांकि राज्य सरकार की ओर से अभी तक किसी नाम को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन शुभांशु शुक्ला का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। अमित शाह के लखनऊ आने की चर्चा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा भी है कि 24 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लखनऊ आ सकते हैं। कहा जा रहा है कि वे उत्तर प्रदेश दिवस के आधिकारिक समारोह की अध्यक्षता कर सकते हैं। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में संस्कृत विभाग की ओर से आयोजित होने वाली बैठक में यूपी गौरव सम्मान को लेकर भी मंथन संभव है। हालांकि इस संबंध में अब तक कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। लखनऊ से अंतरिक्ष तक का सफर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलट रहे हैं। अनुशासन, तकनीकी दक्षता और साहस के दम पर उन्होंने वायुसेना में अपनी अलग पहचान बनाई। इसी मजबूत प्रोफाइल के आधार पर उनका चयन भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए किया गया। रूस और भारत में उन्होंने कठोर अंतरिक्ष प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसमें माइक्रोग्रैविटी, आपात परिस्थितियों से निपटना और वैज्ञानिक प्रयोगों की विशेष ट्रेनिंग शामिल रही। ISS पहुंचकर रचा इतिहास 25 जून 2025 को शुभांशु शुक्ला ने Axiom Mission-4 (Ax-4) के तहत अंतरिक्ष की यात्रा की और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचकर इतिहास रच दिया। वे अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय नागरिक और ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने। करीब 18 दिनों के इस मिशन के दौरान उन्होंने पृथ्वी की सैकड़ों परिक्रमा की और 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोगों में भाग लिया। इनमें ISRO द्वारा डिजाइन किए गए प्रयोग भी शामिल थे, जो भविष्य के गगनयान मिशन के लिए अहम माने जा रहे हैं। यूपी गौरव सम्मान की दावेदारी क्यों मजबूत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाने वाला यूपी गौरव सम्मान उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल कर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया हो। विज्ञान और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाली मानी जा रही है। यही कारण है कि उन्हें इस सम्मान का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। युवाओं के लिए प्रेरणा बने शुभांशु शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा ने देश के युवाओं, खासकर उत्तर प्रदेश के छात्रों और विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए नई प्रेरणा दी है। उनका सफर यह संदेश देता है कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी ऊंचाई को छुआ जा सकता है। फैसले पर टिकी निगाहें फिलहाल यूपी गौरव सम्मान को लेकर अंतिम निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर होना है। विज्ञान, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि शुभांशु शुक्ला जैसे अंतरिक्ष नायक को सम्मानित करना प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का मजबूत संदेश होगा। अब सभी की नजरें 24 जनवरी पर टिकी हैं कि क्या लखनऊ के इस लाल को उत्तर प्रदेश अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजता है या नहीं।

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