सुपौल जिला प्रशासन की सख्ती के बीच शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर उर्दू प्राथमिक विद्यालय, ठाढ़ीधता (प्रखण्ड-किशनपुर) के सहायक शिक्षक विजेन्द्र कुमार कामत को निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। यह आदेश जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), सुपौल के कार्यालय से जारी किया गया है। प्रधान शिक्षक के विद्यालय में योगदान के बाद नहीं दिया प्रभार कार्यालय आदेश के अनुसार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, किशनपुर ने प्रतिवेदित किया था कि बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा अनुशंसित एवं चयनित प्रधान शिक्षक मनोज कुमार मनोहर ने 21 जुलाई 2025 को विद्यालय में योगदान दे दिया था। इसके बावजूद सहायक शिक्षक विजेन्द्र कुमार कामत द्वारा विद्यालय का प्रभार नहीं सौंपा गया। बताया गया है कि इस संबंध में प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी, किशनपुर ने पत्रांक-668 दिनांक 22.02.2025 तथा पत्रांक-575 दिनांक 22.01.2026 के माध्यम से कई बार लिखित निर्देश दिए, साथ ही मौखिक रूप से भी प्रभार हस्तांतरण का निर्देश दिया गया, लेकिन कामत ने आदेशों की अनदेखी की। विभागीय जांच में मिली आदेश की अवहेलना इसके बाद अधोहस्ताक्षरी द्वारा पत्रांक-711 दिनांक 13.02.2026 के तहत शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया, किंतु निर्धारित तिथि तक कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया यह कृत्य स्वेच्छाचारिता, उच्चाधिकारी के आदेश की अवहेलना, कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही तथा 02 फरवरी 2025 से विद्यालय के छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) के लाभ से वंचित रखने का मामला प्रतीत हुआ। जीवन निर्वाह भत्ता देय, कार्रवाई से विभाग में हड़कंप उक्त आरोपों के आधार पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 की धारा 09 तथा विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 (संशोधित 2024) के अंतर्गत विजेन्द्र कुमार कामत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, निर्मली निर्धारित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही आरोप पत्र अलग से निर्गत किया जा रहा है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सुपौल जिला प्रशासन की सख्ती के बीच शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर उर्दू प्राथमिक विद्यालय, ठाढ़ीधता (प्रखण्ड-किशनपुर) के सहायक शिक्षक विजेन्द्र कुमार कामत को निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। यह आदेश जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), सुपौल के कार्यालय से जारी किया गया है। प्रधान शिक्षक के विद्यालय में योगदान के बाद नहीं दिया प्रभार कार्यालय आदेश के अनुसार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, किशनपुर ने प्रतिवेदित किया था कि बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा अनुशंसित एवं चयनित प्रधान शिक्षक मनोज कुमार मनोहर ने 21 जुलाई 2025 को विद्यालय में योगदान दे दिया था। इसके बावजूद सहायक शिक्षक विजेन्द्र कुमार कामत द्वारा विद्यालय का प्रभार नहीं सौंपा गया। बताया गया है कि इस संबंध में प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी, किशनपुर ने पत्रांक-668 दिनांक 22.02.2025 तथा पत्रांक-575 दिनांक 22.01.2026 के माध्यम से कई बार लिखित निर्देश दिए, साथ ही मौखिक रूप से भी प्रभार हस्तांतरण का निर्देश दिया गया, लेकिन कामत ने आदेशों की अनदेखी की। विभागीय जांच में मिली आदेश की अवहेलना इसके बाद अधोहस्ताक्षरी द्वारा पत्रांक-711 दिनांक 13.02.2026 के तहत शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया, किंतु निर्धारित तिथि तक कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया यह कृत्य स्वेच्छाचारिता, उच्चाधिकारी के आदेश की अवहेलना, कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही तथा 02 फरवरी 2025 से विद्यालय के छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) के लाभ से वंचित रखने का मामला प्रतीत हुआ। जीवन निर्वाह भत्ता देय, कार्रवाई से विभाग में हड़कंप उक्त आरोपों के आधार पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 की धारा 09 तथा विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 (संशोधित 2024) के अंतर्गत विजेन्द्र कुमार कामत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, निर्मली निर्धारित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही आरोप पत्र अलग से निर्गत किया जा रहा है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।


