सीवान में मंगलवार की दोपहर किराए के मकान में 26 वर्षीय युवती का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। उसमें लिखा है- मैं चाहती नहीं थी, पर मैं चीजें हैंडल नहीं कर पाई। मुझे माफ कर देना मम्मी, मैंने आपको बहुत दुख दिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। रात 8 बजे के बाद से पुलिस परिजन को बॉडी सौंपना चाह रही है, लेकिन मां-भाई शव साथ ले जाने को तैयार नहीं। उनका कहना है कि पुलिस जब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तार नहीं कर लेती हम बॉडी नहीं ले जाएंगे। मृतका की पहचान वैशाली जिले के गंगाब्रिज हाजीपुर थाना क्षेत्र निवासी स्वर्गीय अर्जुन सिंह की बेटी सृष्टि कुमारी के रूप में हुई है। वो 2023 से असिस्टेंट टेक्निकल मैनेजर के पद पर हसनपुरा प्रखंड स्थित प्रखंड कृषि पदाधिकारी कार्यालय में कार्यरत थी। फिलहाल वो लहेजी पंचायत के प्रभार में कार्य कर रही थी। पड़ोसियों ने फंदे से लटका देखा शव पड़ोसियों ने बताया कि सृष्टि के मकान मालिक ने दिल्ली से फोन कर हमें बताया कि सृष्टि का मोबाइल बंद है। उसके घर वाले परेशान हो रहे है, जाकर उसे बोल दीजिए बात कर ले। इसके बाद जब हम उसके कमरे के पास पहुंचे और गेट पर हल्का धक्का दिया, तो दरवाजा तुरंत खुल गया। अंदर सृष्टि का शव फंदे से लटक रहा था और उसका शरीर जमीन को स्पर्श कर रहा था। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को बिस्तर पर एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में बड़े और असमान अक्षरों में लिखा था—“मैं चाहती नहीं थी, पर मैं चीजें हैंडल नहीं कर पाई। मुझे माफ कर देना मम्मी, मैंने आपको बहुत दुख दिया है।” सुसाइड नोट के लिखावट पर संदेह हालांकि, इस सुसाइड नोट की लिखावट में अशुद्धियां मिली। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि इसे किसी शिक्षित व्यक्ति ने लिखा है या नहीं। मृतका की मां का कहना है कि सृष्टि यूपीएससी की तैयारी कर रही थी, ऐसे में इस तरह की लिखावट संदेह पैदा करती है। वहीं, जब नोट की तुलना उसके आधिकारिक दस्तावेजों से की गई, तो उसमें भी मेल नहीं पाया गया। प्रखंड कृषि पदाधिकारी आदित्य प्रताप पांडेय ने बताया कि सोमवार को सृष्टि कार्यालय नहीं आई थी। एक महिला सहकर्मी ने जब उसे फोन कर पूछा तो सृष्टि ने बताया था कि वह ट्रेन से सीवान आ रही है। बेटी को जिंदा करने के लिए खाटू श्याम ले जाना चाहती थी मां मृतका के छोटे भाई आशुतोष ने बताया कि सृष्टि सोमवार को मौर्या एक्सप्रेस ट्रेन से हाजीपुर से सीवान आई थी। रात 9 बजे उससे आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद सुबह से उसका मोबाइल बंद आ रहा था। जब संपर्क नहीं हो पाया, तब मकान मालिक को सूचना दी गई, जिसके बाद उसके मौत का खुलासा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही मां के साथ मैं सदर अस्पताल पहुंचा। वहां बेटी के शव को देखकर मां बार-बार खाटू श्याम ले जाने की बात कहती रही। उनका कहना था कि बेटी खाटू श्याम का पानी पी लेगी तो ठीक हो जाएगी। एम्बुलेंस के पास खड़े लोंगो का पैर पकड़कर रोती रही। साथ ही कह रही थी कि बेटी तुमको इसी दिन के लिए आईएएस का पढ़ाई कराए थे। परिवार के अनुसार, सृष्टि तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। उसके पिता का अगस्त 2025 में कैंसर से निधन हो गया था। पैसे लेने का लगाया गया था आरोप इधर, इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सृष्टि पर फील्ड विजिट के दौरान पैसे लेने का आरोप लगाया गया था। बताया जाता है कि यह वीडियो उस समय का है, जब वह पकड़ी पंचायत में पदस्थापित थी। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों और कुछ बड़े दल के नेताओं द्वारा कृषि विभाग के बड़े अधिकारियों सहित जिलास्तरीय पदाधिकारियों पर नौकरी समाप्त करने का दबाव बनाया गया था, चूंकि सृष्टि अनुबंध पर बहाल थी। काफी दबाव के बाद सृष्टि का पकड़ी से तबादला लहेजी पंचायत कर दिया गया था। नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। सीवान में मंगलवार की दोपहर किराए के मकान में 26 वर्षीय युवती का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। उसमें लिखा है- मैं चाहती नहीं थी, पर मैं चीजें हैंडल नहीं कर पाई। मुझे माफ कर देना मम्मी, मैंने आपको बहुत दुख दिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। रात 8 बजे के बाद से पुलिस परिजन को बॉडी सौंपना चाह रही है, लेकिन मां-भाई शव साथ ले जाने को तैयार नहीं। उनका कहना है कि पुलिस जब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तार नहीं कर लेती हम बॉडी नहीं ले जाएंगे। मृतका की पहचान वैशाली जिले के गंगाब्रिज हाजीपुर थाना क्षेत्र निवासी स्वर्गीय अर्जुन सिंह की बेटी सृष्टि कुमारी के रूप में हुई है। वो 2023 से असिस्टेंट टेक्निकल मैनेजर के पद पर हसनपुरा प्रखंड स्थित प्रखंड कृषि पदाधिकारी कार्यालय में कार्यरत थी। फिलहाल वो लहेजी पंचायत के प्रभार में कार्य कर रही थी। पड़ोसियों ने फंदे से लटका देखा शव पड़ोसियों ने बताया कि सृष्टि के मकान मालिक ने दिल्ली से फोन कर हमें बताया कि सृष्टि का मोबाइल बंद है। उसके घर वाले परेशान हो रहे है, जाकर उसे बोल दीजिए बात कर ले। इसके बाद जब हम उसके कमरे के पास पहुंचे और गेट पर हल्का धक्का दिया, तो दरवाजा तुरंत खुल गया। अंदर सृष्टि का शव फंदे से लटक रहा था और उसका शरीर जमीन को स्पर्श कर रहा था। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को बिस्तर पर एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में बड़े और असमान अक्षरों में लिखा था—“मैं चाहती नहीं थी, पर मैं चीजें हैंडल नहीं कर पाई। मुझे माफ कर देना मम्मी, मैंने आपको बहुत दुख दिया है।” सुसाइड नोट के लिखावट पर संदेह हालांकि, इस सुसाइड नोट की लिखावट में अशुद्धियां मिली। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि इसे किसी शिक्षित व्यक्ति ने लिखा है या नहीं। मृतका की मां का कहना है कि सृष्टि यूपीएससी की तैयारी कर रही थी, ऐसे में इस तरह की लिखावट संदेह पैदा करती है। वहीं, जब नोट की तुलना उसके आधिकारिक दस्तावेजों से की गई, तो उसमें भी मेल नहीं पाया गया। प्रखंड कृषि पदाधिकारी आदित्य प्रताप पांडेय ने बताया कि सोमवार को सृष्टि कार्यालय नहीं आई थी। एक महिला सहकर्मी ने जब उसे फोन कर पूछा तो सृष्टि ने बताया था कि वह ट्रेन से सीवान आ रही है। बेटी को जिंदा करने के लिए खाटू श्याम ले जाना चाहती थी मां मृतका के छोटे भाई आशुतोष ने बताया कि सृष्टि सोमवार को मौर्या एक्सप्रेस ट्रेन से हाजीपुर से सीवान आई थी। रात 9 बजे उससे आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद सुबह से उसका मोबाइल बंद आ रहा था। जब संपर्क नहीं हो पाया, तब मकान मालिक को सूचना दी गई, जिसके बाद उसके मौत का खुलासा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही मां के साथ मैं सदर अस्पताल पहुंचा। वहां बेटी के शव को देखकर मां बार-बार खाटू श्याम ले जाने की बात कहती रही। उनका कहना था कि बेटी खाटू श्याम का पानी पी लेगी तो ठीक हो जाएगी। एम्बुलेंस के पास खड़े लोंगो का पैर पकड़कर रोती रही। साथ ही कह रही थी कि बेटी तुमको इसी दिन के लिए आईएएस का पढ़ाई कराए थे। परिवार के अनुसार, सृष्टि तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। उसके पिता का अगस्त 2025 में कैंसर से निधन हो गया था। पैसे लेने का लगाया गया था आरोप इधर, इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सृष्टि पर फील्ड विजिट के दौरान पैसे लेने का आरोप लगाया गया था। बताया जाता है कि यह वीडियो उस समय का है, जब वह पकड़ी पंचायत में पदस्थापित थी। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों और कुछ बड़े दल के नेताओं द्वारा कृषि विभाग के बड़े अधिकारियों सहित जिलास्तरीय पदाधिकारियों पर नौकरी समाप्त करने का दबाव बनाया गया था, चूंकि सृष्टि अनुबंध पर बहाल थी। काफी दबाव के बाद सृष्टि का पकड़ी से तबादला लहेजी पंचायत कर दिया गया था। नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के आधार पर ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।


