बेतिया में ट्रेनी सिपाहियों की असाल्ट ट्रेनिंग टेस्ट:दीवार फांदना-रस्सी चढ़ना जैसे अभ्यास, शारीरिक-मानसिक क्षमता का आकलन, SP ने दिया समर्पण का संदेश

बेतिया में ट्रेनी सिपाहियों की असाल्ट ट्रेनिंग टेस्ट:दीवार फांदना-रस्सी चढ़ना जैसे अभ्यास, शारीरिक-मानसिक क्षमता का आकलन, SP ने दिया समर्पण का संदेश

बेतिया पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुनम के नेतृत्व में पुलिस केंद्र बेतिया में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु सिपाहियों की असाल्ट ट्रेनिंग का विस्तृत परीक्षण किया गया। इस दौरान सिपाहियों की शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति और त्वरित प्रतिक्रिया कौशल का आकलन हुआ। प्रशिक्षण में दीवार फांदना, कांटेदार तार के नीचे रेंगकर निकलना, ऊंची कूद लगाना और रस्सी चढ़ना जैसे चुनौतीपूर्ण अभ्यास शामिल थे। इन सभी गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षुओं की फुर्ती, संतुलन और साहस की परख की गई। फिटनेस के साथ-साथ मानसिक संतुलन आवश्यक
इस असाल्ट ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षु सिपाहियों को विषम परिस्थितियों में भी कुशलतापूर्वक कार्य करने के लिए तैयार करना है। इसका लक्ष्य उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों में भी प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, टीम वर्क और मानसिक दृढ़ता पर विशेष जोर दिया गया। परीक्षण के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित अनुदेशकों और नवनियुक्त प्रशिक्षु सिपाहियों को संबोधित किया। कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी
उन्होंने कहा कि एक सक्षम पुलिसकर्मी के लिए शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक संतुलन और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। एसपी ने सभी प्रशिक्षुओं को नियमित अभ्यास करने, अपने कौशल को निरंतर निखारने तथा कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे प्रशिक्षु सिपाहियों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा। बेतिया पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुनम के नेतृत्व में पुलिस केंद्र बेतिया में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु सिपाहियों की असाल्ट ट्रेनिंग का विस्तृत परीक्षण किया गया। इस दौरान सिपाहियों की शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति और त्वरित प्रतिक्रिया कौशल का आकलन हुआ। प्रशिक्षण में दीवार फांदना, कांटेदार तार के नीचे रेंगकर निकलना, ऊंची कूद लगाना और रस्सी चढ़ना जैसे चुनौतीपूर्ण अभ्यास शामिल थे। इन सभी गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षुओं की फुर्ती, संतुलन और साहस की परख की गई। फिटनेस के साथ-साथ मानसिक संतुलन आवश्यक
इस असाल्ट ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षु सिपाहियों को विषम परिस्थितियों में भी कुशलतापूर्वक कार्य करने के लिए तैयार करना है। इसका लक्ष्य उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों में भी प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, टीम वर्क और मानसिक दृढ़ता पर विशेष जोर दिया गया। परीक्षण के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित अनुदेशकों और नवनियुक्त प्रशिक्षु सिपाहियों को संबोधित किया। कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी
उन्होंने कहा कि एक सक्षम पुलिसकर्मी के लिए शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक संतुलन और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। एसपी ने सभी प्रशिक्षुओं को नियमित अभ्यास करने, अपने कौशल को निरंतर निखारने तथा कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे प्रशिक्षु सिपाहियों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा।  

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