उन्नाव। पुलिस प्रशिक्षण की गुणवत्ता जांचने और आगामी परीक्षाओं की तैयारियों का जायजा लेने के उद्देश्य से अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह ने दोस्ती नगर स्थित फायर ट्रेनिंग सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आरटीसी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों की इनडोर और आउटडोर परीक्षाओं की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, अनुशासन, शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा की तैयारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और गंभीरता बरती जाए, ताकि भावी आरक्षी पूर्ण रूप से दक्ष और अनुशासित बन सकें। आउटडोर गतिविधियों के तहत रिक्रूट सिपाहियों की शारीरिक क्षमता का परीक्षण किया गया। इस दौरान लंबी छलांग, दौड़ और अन्य शारीरिक अभ्यास कराए गए। अपर पुलिस अधीक्षक ने स्वयं मैदान में उपस्थित रहकर लंबी छलांग का अभ्यास कराया और उनके प्रदर्शन का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल में शारीरिक फिटनेस अत्यंत महत्वपूर्ण है और बेहतर प्रदर्शन के लिए नियमित अभ्यास आवश्यक है। इनडोर परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित प्रशिक्षकों को निर्देश दिए कि लिखित परीक्षा के पाठ्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से पूरा कराया जाए। कानून, पुलिस नियमावली और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि अनुशासनहीनता या अनुपस्थिति की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, प्रशिक्षणार्थियों के मानसिक और शारीरिक संतुलन को बनाए रखने के लिए नियमित मार्गदर्शन और परामर्श सत्र आयोजित करने पर भी बल दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि एक प्रशिक्षित और सक्षम पुलिस बल ही कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से बनाए रख सकता है। उन्होंने रिक्रूट आरक्षियों को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना के साथ अपना प्रशिक्षण पूरा करने की प्रेरणा दी।


