Asian Team Championship: चीन ने तोड़ा भारत का सपना, Quarterfinal में 0-3 से मिली करारी हार।

Asian Team Championship: चीन ने तोड़ा भारत का सपना, Quarterfinal में 0-3 से मिली करारी हार।

क़िंगदाओ में खेले गए एशियन टीम बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में भारत को मौजूदा चैंपियन चीन के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा हैं और इसी के साथ भारत का खिताब बचाने का अभियान समाप्त हो गया।गौरतलब है कि तीसरे और निर्णायक मुकाबले में युवा खिलाड़ी रक्षिता श्री रामराज ने बेहतरीन जज़्बा दिखाया और तेज़ रफ्तार खेल से चीनी खिलाड़ी शू वेन जिंग को कड़ी चुनौती दी। मौजूद जानकारी के अनुसार रक्षिता ने पहला गेम 21-14 से जीतकर भारत की उम्मीदों को ज़िंदा रखा, लेकिन दूसरे गेम में 3-11 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी के बावजूद वह 15-21 से हार गईं।तीसरे गेम में भी रक्षिता ने हार नहीं मानी हैं। 11-17 से पीछे होने के बावजूद उन्होंने आक्रामक शॉट्स और दोनों किनारों पर बेहतरीन रिट्रीवल के दम पर स्कोर 16-17 तक पहुंचाया। हालांकि निर्णायक क्षणों में कुछ ओवरहिट शॉट्स और अनावश्यक गलतियों ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया और शू वेन जिंग ने धैर्यपूर्ण रैलियों के सहारे 21-17 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।इससे पहले महिला एकल और युगल मुकाबलों में भी भारत को सीधे सेटों में हार झेलनी पड़ी हैं। टन्वी शर्मा महिला एकल में अपेक्षित लय नहीं पकड़ पाईं, वहीं महिला युगल में ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने अच्छी शुरुआत के बावजूद अहम मौकों पर बढ़त गंवा दी।खासतौर पर दूसरे गेम में 13-10 की बढ़त के दौरान बैकलाइन पर छोड़ा गया एक शटल गायत्री को लंबे समय तक खलता रहेगा हैं। उस एक चूक के बाद चीनी जोड़ी जिया यी फैन और झांग शू शियान ने लगातार पांच अंक लेकर पूरा मोमेंटम पलट दिया। हालांकि जिया के सामने भारतीय जोड़ी ने नेट पर कुछ शानदार रिटर्न भी लगाए, लेकिन अनुभवी चीनी खिलाड़ियों के दबाव को वे झेल नहीं सकीं।कुल मिलाकर भारतीय टीम ने जुझारूपन दिखाया, लेकिन निर्णायक पलों में संयम और सटीकता की कमी साफ नजर आई। रक्षिता श्री रामराज का प्रदर्शन भविष्य के लिए उम्मीद जरूर जगाता हैं, मगर इस दिन चीन की स्थिरता और रणनीति भारत पर भारी पड़ी और भारत एशियन टीम चैंपियनशिप से बाहर हो गया। 

क़िंगदाओ में खेले गए एशियन टीम बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में भारत को मौजूदा चैंपियन चीन के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा हैं और इसी के साथ भारत का खिताब बचाने का अभियान समाप्त हो गया।
गौरतलब है कि तीसरे और निर्णायक मुकाबले में युवा खिलाड़ी रक्षिता श्री रामराज ने बेहतरीन जज़्बा दिखाया और तेज़ रफ्तार खेल से चीनी खिलाड़ी शू वेन जिंग को कड़ी चुनौती दी। मौजूद जानकारी के अनुसार रक्षिता ने पहला गेम 21-14 से जीतकर भारत की उम्मीदों को ज़िंदा रखा, लेकिन दूसरे गेम में 3-11 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी के बावजूद वह 15-21 से हार गईं।
तीसरे गेम में भी रक्षिता ने हार नहीं मानी हैं। 11-17 से पीछे होने के बावजूद उन्होंने आक्रामक शॉट्स और दोनों किनारों पर बेहतरीन रिट्रीवल के दम पर स्कोर 16-17 तक पहुंचाया। हालांकि निर्णायक क्षणों में कुछ ओवरहिट शॉट्स और अनावश्यक गलतियों ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया और शू वेन जिंग ने धैर्यपूर्ण रैलियों के सहारे 21-17 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इससे पहले महिला एकल और युगल मुकाबलों में भी भारत को सीधे सेटों में हार झेलनी पड़ी हैं। टन्वी शर्मा महिला एकल में अपेक्षित लय नहीं पकड़ पाईं, वहीं महिला युगल में ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने अच्छी शुरुआत के बावजूद अहम मौकों पर बढ़त गंवा दी।
खासतौर पर दूसरे गेम में 13-10 की बढ़त के दौरान बैकलाइन पर छोड़ा गया एक शटल गायत्री को लंबे समय तक खलता रहेगा हैं। उस एक चूक के बाद चीनी जोड़ी जिया यी फैन और झांग शू शियान ने लगातार पांच अंक लेकर पूरा मोमेंटम पलट दिया। हालांकि जिया के सामने भारतीय जोड़ी ने नेट पर कुछ शानदार रिटर्न भी लगाए, लेकिन अनुभवी चीनी खिलाड़ियों के दबाव को वे झेल नहीं सकीं।
कुल मिलाकर भारतीय टीम ने जुझारूपन दिखाया, लेकिन निर्णायक पलों में संयम और सटीकता की कमी साफ नजर आई। रक्षिता श्री रामराज का प्रदर्शन भविष्य के लिए उम्मीद जरूर जगाता हैं, मगर इस दिन चीन की स्थिरता और रणनीति भारत पर भारी पड़ी और भारत एशियन टीम चैंपियनशिप से बाहर हो गया।

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