पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने तारिक का खुलकर बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गेंदबाजी एक्शन की वैधता का अंतिम फैसला केवल आईसीसी के बॉलिंग एक्शन टेस्टिंग सेंटर में ही हो सकता है।
Ravichandran Ashwin, T20 world cup 2026: पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक इन दिनों क्रिकेट जगत में जमकर चर्चा में हैं। इसका मुख्य कारण उनका अनोखा और कुछ हद तक अजीब गेंदबाजी एक्शन है। तारिक गेंद फेंकने से पहले रन-अप में रुकते हैं और फिर साइड-आर्म स्लिंग-शॉट जैसी शैली में गेंद डिलीवर करते हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे अवैध (चकिंग) करार दे रहे हैं और इसकी आलोचना कर रहे हैं। हालांकि, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अब तक उनके एक्शन पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। आईसीसी ने पिछले साल उनकी गेंदबाजी को दो बार जांच के बाद वैध घोषित किया था।
पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने तारिक का खुलकर बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गेंदबाजी एक्शन की वैधता का अंतिम फैसला केवल आईसीसी के बॉलिंग एक्शन टेस्टिंग सेंटर में ही हो सकता है। दरअसल, बुधवार को पूर्व क्रिकेटर श्रीवत्स गोस्वामी ने तारिक के रन-अप में रुकने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे फुटबॉल के पेनल्टी नियम से जोड़ते हुए कहा कि फुटबॉल में अब खिलाड़ी पेनल्टी लेते समय रुक नहीं सकते।
श्रीवत्स गोस्वामी ने उठाए सवाल
गोस्वामी ने एक्स पर लिखा, “फुटबॉल में भी अब खिलाड़ी पेनल्टी रन-अप के दौरान रुक नहीं सकते। यह कैसे ठीक है? एक्शन- सब ठीक है. लेकिन रुकना? वह भी गेंद डालने के समय. इसे जारी नहीं रखा जा सकता।” इसपर अश्विन ने गोस्वामी को जवाब देते हुए लिखा, “सहमत हूं कि फुटबॉल इसकी इजाजत नहीं देता। जब बल्लेबाज को एक तरफ से बैटिंग शुरू करने के बाद अंपायर या गेंदबाज को बताए बिना स्विच-हिट या रिवर्स करने की इजाजत दी जा सकती है, तो ये पाबंदियां सिर्फ गेंदबाज तक ही क्यों हैं? असल में गेंदबाज को अंपायर को बताए बिना जिस हाथ से वह गेंदबाजी करता है, उसे बदलने की इजाजत नहीं है। उन्हें पहले वह नियम बदलना चाहिए। “
सारे नियम गेंदबाजों के लिए ही क्यों
इस पोस्ट पर अश्विन ने तुरंत जवाब दिया। उन्होंने गोस्वामी से सहमति जताई कि फुटबॉल में ऐसा नहीं चलता, लेकिन साथ ही क्रिकेट के नियमों में असमानता की ओर इशारा किया। अश्विन ने लिखा, “सहमत हूं कि फुटबॉल इसकी इजाजत नहीं देता। लेकिन जब बल्लेबाज एक तरफ से बैटिंग शुरू करने के बाद बिना अंपायर या गेंदबाज को बताए स्विच-हिट या रिवर्स स्विच कर सकता है, तो ये पाबंदियां सिर्फ गेंदबाज पर ही क्यों? असल में गेंदबाज को बिना अंपायर को सूचित किए जिस हाथ से गेंदबाजी करता है, उसे बदलने की भी इजाजत नहीं है। पहले तो ये नियम बदलना चाहिए।”
अश्विन ने दी सफाई
इस बयान के बाद अश्विन को सोशल मीडिया पर काफी आलोचना का सामना करना पड़ा। इसके जवाब में उन्होंने और स्पष्ट करते हुए एक लंबा पोस्ट किया। उन्होंने कहा, “मैं इसे जितना संभव हो उतना साफ कर देना चाहता हूं। सबसे पहले, उनके गेंदबाजी एक्शन की वैधता का फैसला सिर्फ आईसीसी के बॉलिंग एक्शन जांच केंद्र में ही हो सकता है। दूसरा, 15 डिग्री का नियम है, जिसके तहत गेंदबाज को अपनी कोहनी सीधी रखनी होती है। ऑन-फील्ड अंपायर यह तय नहीं कर सकता कि कोई गेंदबाज इस सीमा के अंदर है या नहीं। इसके लिए वास्तविक समय में मशीन की जांच जरूरी है। ऊपर बताई गई कुछ बातें ग्रे एरिया में आती हैं और किसी पर सिर्फ ग्रे एरिया के आधार पर आरोप लगाना गलत है। आखिर में, क्रीज पर रुकना वैध है या नहीं? मेरा मानना है कि यह पूरी तरह वैध है, क्योंकि यह उनका नियमित और दोहराव वाला एक्शन है।”
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