भागलपुर में कल रात बिहार पुलिस ने पूर्व आईपीएस अमिताभ दास को उनके आवास से उठा लिया। उन पर कई मामले भी दर्ज कराए गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पर नीट छात्रा हत्याकांड मामले में व एप्सटीन फाइल को लेकर पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाने को लेकर कार्रवाई की गई है। अमिताभ दास को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उस पदाधिकारी ने इस तरह की गंदी और ओछी हरकत की है। एक प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह का बयान और सबसे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत के बारे में गलत बयान दिया गया। इस तरह गलत बात बोलना और कहना कि मेरे पास प्रमाण है, यह गलत है। कभी-कभी कोई बात अगर सत्य हो भी और अप्रिय हो तो वह बोलना खराब होता है। मुझे लगता है कि यह गंदे लोग हैं ,गंदे विचार के हैं गंदे सोच के हैं। सरकार ने इस पर कठोर कार्रवाई की है किसी भी नागरिक पर गलत दोषारोपण करके अपने आप को चमकाना ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। यूजीसी कानून को लेकर कल दिल्ली यूनिवर्सिटी में एबीवीपी और AISA संगठन के बीच मारपीट और कहासुनी की नौबत हुई। इस बीच ब्राह्मण को भीड़ से गालियां दी गयी, जिसका विरोध करने पर यूट्यूबर रुचि तिवारी के साथ अभद्रता की गई। उसके कपड़े फाड़ने और गाली गलौज के भी आरोप है। जिसके बाद देश भर में आक्रोश फैल गया है। खासकर रुचि तिवारी के समर्थन में सवर्णो में आक्रोश देखा जा रहा है। रुचि तिवारी के समर्थन में पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे उतर गए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि एक महिला पत्रकार के साथ जो हुआ वो हृदय विदारक है। दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस तरह महिला पत्रकार की जाति पूछकर क्रूरता से हमला किया गया। ये भारतीय संस्कृति के विरूद्ध है । महिलाओ का अपमान, सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। ब्राह्मण हो या कोई जाति के लोग हों, हम आपस में सनातन संस्कृति वाले हैं। जिस तरह से अभी अपमान हो रहा है, यूजीसी में तो सुप्रीम कोर्ट के तरफ से फिलहाल स्थगित किया गया है। समाज मे कोई भी कटुता जाति से जोड़ा जाता है, ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भागलपुर में कल रात बिहार पुलिस ने पूर्व आईपीएस अमिताभ दास को उनके आवास से उठा लिया। उन पर कई मामले भी दर्ज कराए गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पर नीट छात्रा हत्याकांड मामले में व एप्सटीन फाइल को लेकर पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाने को लेकर कार्रवाई की गई है। अमिताभ दास को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उस पदाधिकारी ने इस तरह की गंदी और ओछी हरकत की है। एक प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह का बयान और सबसे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत के बारे में गलत बयान दिया गया। इस तरह गलत बात बोलना और कहना कि मेरे पास प्रमाण है, यह गलत है। कभी-कभी कोई बात अगर सत्य हो भी और अप्रिय हो तो वह बोलना खराब होता है। मुझे लगता है कि यह गंदे लोग हैं ,गंदे विचार के हैं गंदे सोच के हैं। सरकार ने इस पर कठोर कार्रवाई की है किसी भी नागरिक पर गलत दोषारोपण करके अपने आप को चमकाना ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। यूजीसी कानून को लेकर कल दिल्ली यूनिवर्सिटी में एबीवीपी और AISA संगठन के बीच मारपीट और कहासुनी की नौबत हुई। इस बीच ब्राह्मण को भीड़ से गालियां दी गयी, जिसका विरोध करने पर यूट्यूबर रुचि तिवारी के साथ अभद्रता की गई। उसके कपड़े फाड़ने और गाली गलौज के भी आरोप है। जिसके बाद देश भर में आक्रोश फैल गया है। खासकर रुचि तिवारी के समर्थन में सवर्णो में आक्रोश देखा जा रहा है। रुचि तिवारी के समर्थन में पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे उतर गए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि एक महिला पत्रकार के साथ जो हुआ वो हृदय विदारक है। दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस तरह महिला पत्रकार की जाति पूछकर क्रूरता से हमला किया गया। ये भारतीय संस्कृति के विरूद्ध है । महिलाओ का अपमान, सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। ब्राह्मण हो या कोई जाति के लोग हों, हम आपस में सनातन संस्कृति वाले हैं। जिस तरह से अभी अपमान हो रहा है, यूजीसी में तो सुप्रीम कोर्ट के तरफ से फिलहाल स्थगित किया गया है। समाज मे कोई भी कटुता जाति से जोड़ा जाता है, ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।


