बेगूसराय में पट खुलते ही मंदिरों में उमड़ी भीड़:चैती दुर्गा पूजा मेला को लेकर पुलिस अलर्ट, 225 जगहों पर मजिस्ट्रेट तैनात; सीसीटीवी से निगरानी

बेगूसराय में पट खुलते ही मंदिरों में उमड़ी भीड़:चैती दुर्गा पूजा मेला को लेकर पुलिस अलर्ट, 225 जगहों पर मजिस्ट्रेट तैनात; सीसीटीवी से निगरानी

बेगूसराय में भगवती मंदिरों में जागरण के साथ ही चैती दुर्गा मेला शुरू हो गया है। पट खुलते ही जिला मुख्यालय के पटेल चौक सहित सभी दुर्गा मंदिर और राम दरबारों में खोईंछा के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। सभी जगह पर अहले सुबह से ही खोईंछा भरा जा रहा है। इसको लेकर कार्यकर्ता एक्टिव हैं, सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है। रामनवमी और चैती दुर्गा मेला को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। डीएम श्रीकांत शास्त्री और एसपी मनीष की ओर से जिले में शांति, सौहार्द और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त आदेश जारी किए गए हैं। 225 जगहों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस पदाधिकारी और जवानों को तैनात किया गया है। अफवाह से बचने की अपील डीएम ने बताया है कि रामनवमी शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन जुलूस के लिए आयोजकों को लाइसेंस प्राप्त करना होगा। जुलूस केवल पूर्व निर्धारित रुट से ही निकाले जाएंगे, किसी नए मार्ग की अनुमति नहीं है। जुलूस के दौरान डीजे पर भड़काऊ या आपत्तिजनक संगीत बजाने, उन्मादी नारेबाजी करने तथा किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र या जानवर के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पूजा पंडालों में भीड़ नियंत्रण के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार और अलग दीर्घा की व्यवस्था की गई है। बिजली के सभी अस्थायी कनेक्शनों की जांच तथा अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल एवं स्वयंसेवकों की विशेष तैनाती की गई है। जिससे किसी भी प्रकार की छेड़खानी या अवांछित गतिविधि पर तत्काल रोक लगाई जा सके। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सतत निगरानी रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या भड़काऊ पोस्ट प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोग किसी भी अपुष्ट सूचना पर ध्यान नहीं दें और उसे प्रसारित नहीं करें। नियंत्रण कक्ष एक्टिव रहेगा पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था की सतत निगरानी के लिए समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में जिला नियंत्रण कक्ष 27 मार्च की सुबह से 28 मार्च की शाम तक कार्यरत रहेगा। नियंत्रण कक्ष का नंबर 06243-222835 है। जिला स्तर पर पर्यवेक्षण के लिए उप विकास आयुक्त एवं अपर समाहर्ता को वरीय प्रभार सौंपा गया है। प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से निर्धारित घाटों एवं जलाशयों का ही उपयोग किया जाएगा। इन स्थानों पर SDRF की टीम एवं प्रशिक्षित गोताखोर तैनात रहेंगे। नदियों में अवैध नावों के परिचालन तथा क्षमता से अधिक लोगों के बैठने पर प्रतिबंध लगाया गया है। किसी भी आपात स्थिति अथवा संदिग्ध सूचना की स्थिति में संबंधित एसडीओ या जिला नियंत्रण कक्ष से तत्काल संपर्क करने की अपील किया गया है। सोशल मीडिया पर रखी जा रही निगरानी एसपी मनीष ने बताया कि असामाजिक, सांप्रदायिक एवं असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी जा रही है। किसी भी तरह की भड़काऊ गतिविधि एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक उन्माद फैलाने वाले टिप्पणी, नारे और हुडदंग करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी बनाये रखी है। अफवाहों फैलाने वाले को तुरंत पकड़ा जाएगा, कंट्रोल रूम और डायल-112 पर सूचना मिलते ही टीम तुरंत पहुंचेगी। बेगूसराय में भगवती मंदिरों में जागरण के साथ ही चैती दुर्गा मेला शुरू हो गया है। पट खुलते ही जिला मुख्यालय के पटेल चौक सहित सभी दुर्गा मंदिर और राम दरबारों में खोईंछा के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। सभी जगह पर अहले सुबह से ही खोईंछा भरा जा रहा है। इसको लेकर कार्यकर्ता एक्टिव हैं, सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है। रामनवमी और चैती दुर्गा मेला को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। डीएम श्रीकांत शास्त्री और एसपी मनीष की ओर से जिले में शांति, सौहार्द और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त आदेश जारी किए गए हैं। 225 जगहों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस पदाधिकारी और जवानों को तैनात किया गया है। अफवाह से बचने की अपील डीएम ने बताया है कि रामनवमी शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन जुलूस के लिए आयोजकों को लाइसेंस प्राप्त करना होगा। जुलूस केवल पूर्व निर्धारित रुट से ही निकाले जाएंगे, किसी नए मार्ग की अनुमति नहीं है। जुलूस के दौरान डीजे पर भड़काऊ या आपत्तिजनक संगीत बजाने, उन्मादी नारेबाजी करने तथा किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र या जानवर के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पूजा पंडालों में भीड़ नियंत्रण के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास द्वार और अलग दीर्घा की व्यवस्था की गई है। बिजली के सभी अस्थायी कनेक्शनों की जांच तथा अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल एवं स्वयंसेवकों की विशेष तैनाती की गई है। जिससे किसी भी प्रकार की छेड़खानी या अवांछित गतिविधि पर तत्काल रोक लगाई जा सके। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सतत निगरानी रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या भड़काऊ पोस्ट प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोग किसी भी अपुष्ट सूचना पर ध्यान नहीं दें और उसे प्रसारित नहीं करें। नियंत्रण कक्ष एक्टिव रहेगा पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था की सतत निगरानी के लिए समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में जिला नियंत्रण कक्ष 27 मार्च की सुबह से 28 मार्च की शाम तक कार्यरत रहेगा। नियंत्रण कक्ष का नंबर 06243-222835 है। जिला स्तर पर पर्यवेक्षण के लिए उप विकास आयुक्त एवं अपर समाहर्ता को वरीय प्रभार सौंपा गया है। प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से निर्धारित घाटों एवं जलाशयों का ही उपयोग किया जाएगा। इन स्थानों पर SDRF की टीम एवं प्रशिक्षित गोताखोर तैनात रहेंगे। नदियों में अवैध नावों के परिचालन तथा क्षमता से अधिक लोगों के बैठने पर प्रतिबंध लगाया गया है। किसी भी आपात स्थिति अथवा संदिग्ध सूचना की स्थिति में संबंधित एसडीओ या जिला नियंत्रण कक्ष से तत्काल संपर्क करने की अपील किया गया है। सोशल मीडिया पर रखी जा रही निगरानी एसपी मनीष ने बताया कि असामाजिक, सांप्रदायिक एवं असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी जा रही है। किसी भी तरह की भड़काऊ गतिविधि एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक उन्माद फैलाने वाले टिप्पणी, नारे और हुडदंग करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी बनाये रखी है। अफवाहों फैलाने वाले को तुरंत पकड़ा जाएगा, कंट्रोल रूम और डायल-112 पर सूचना मिलते ही टीम तुरंत पहुंचेगी।  

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