‘मैं मरने जा रहा हूं…’ पोस्ट करते ही हरकत में आई पुलिस, 18 साल के युवक की बची जान

‘मैं मरने जा रहा हूं…’ पोस्ट करते ही हरकत में आई पुलिस, 18 साल के युवक की बची जान

Kaushambi Crime News: कौशांबी में मेटा की सतर्कता और पुलिस की तेज कार्रवाई से एक युवक की जान बच गई। 18 साल के शिवकेश ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या का वीडियो पोस्ट किया था, लेकिन मेटा ने तुरंत अलर्ट भेजा और पुलिस ने उसे बचा लिया। यह घटना परिवार के लिए बहुत राहत की बात रही।

इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया सुसाइड मैसेज

यह घटना उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव की है। 18 वर्षीय शिवकेश, जो विजय बहादुर का बेटा है, ने गुरुवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया। वीडियो के कैप्शन में उसने लिखा, “आज मेरा लास्ट दिन है, आज मैं मरने जा रहा हूं। ये दिन हमेशा यादगार होगा सबका। आज मैं जहर खा लूंगा।”
यह पोस्ट देखते ही मेटा कंपनी का सिस्टम सक्रिय हो गया। मेटा ने युवक की लोकेशन और जानकारी ट्रेस की और तुरंत पुलिस मुख्यालय लखनऊ को अलर्ट भेज दिया।

मेटा अलर्ट पर पुलिस हुई हरकत में आई

पुलिस मुख्यालय से सूचना मिलते ही कौशांबी पुलिस ने फौरन एक्शन लिया। नगर कोतवाल सुनील कुमार सिंह खुद युवक के घर पहुंच गए। इसके बाद टेवां चौकी प्रभारी ने शिवकेश को कोतवाली बुलाया। वहां पुलिस ने उसकी अच्छे से काउंसलिंग की। काउंसलिंग में पता चला कि युवक की मानसिक हालत ठीक नहीं थी और उसकी मंशा गलत कदम उठाने की थी। लेकिन समय पर हस्तक्षेप से बड़ा हादसा टल गया। काउंसलिंग के बाद शिवकेश को उसके परिवार वालों को सौंप दिया गया।

परिवार ने जताया आभार

युवक के पिता ने पुलिस और मेटा कंपनी दोनों का बहुत-बहुत शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि अगर मेटा ने अलर्ट नहीं भेजा होता और पुलिस इतनी तेजी से नहीं पहुंची होती, तो उनका बेटा कोई भी गलत कदम उठा सकता था। परिवार अब बहुत राहत महसूस कर रहा है। शिवकेश ने भी लिखित में अपनी गलती मानी और वादा किया कि वह भविष्य में ऐसा कभी नहीं करेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि युवक को अब सुरक्षित रखा जाएगा और उसकी देखभाल की जाएगी।

मेटा और पुलिस की अच्छी टीमवर्क

यह घटना दिखाती है कि सोशल मीडिया पर आत्महत्या जैसे पोस्ट को मेटा कैसे ट्रैक करता है और पुलिस को सूचना देकर जान बचाता है। कौशांबी पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक जवान लड़के की जिंदगी बच गई। ऐसे मामलों में समय पर मदद बहुत जरूरी होती है। अगर कोई उदास या परेशान हो तो परिवार या पुलिस से बात करनी चाहिए।

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