समाजवादी पार्टी ने मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर बहुजन नायक कांशीराम की जयंती को “बहुजन समाज दिवस” और “पीडीए दिवस” के रूप में मनाया। इस अवसर पर पार्टी कार्यालय में हजारों कार्यकर्ताओं ने कांशीराम के विचारों और संघर्षों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी एडवोकेट ने की, जबकि संचालन सपा नेता साजिद हसन और पवन बंसल ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत “जब तक सूरज चांद रहेगा, कांशीराम का नाम रहेगा” नारे के साथ हुई और उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि कांशीराम ने दलितों, वंचितों, पिछड़ों और शोषित समाज के लिए जो ऐतिहासिक संघर्ष किया, समाजवादी पार्टी उसे आगे बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अखिलेश यादव उनके विचारों को प्राथमिकता देकर संघर्ष कर रहे हैं। पूर्व सांसद कादिर राणा ने 1993 के मुलायम सिंह यादव-कांशीराम गठजोड़ के संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि सपा आज भी कांशीराम के विचारों की सच्ची वारिस है और पीडीए की सशक्त आवाज बनी हुई है। चरथावल विधायक पंकज मलिक ने बताया कि सपा किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह के साथ कांशीराम के पीडीए मिशन को भी आगे बढ़ा रही है। उन्होंने भाजपा पर जातिगत-धार्मिक नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा 2027 में सरकार बनाकर पीडीए को हिस्सेदारी दिलाएगी। इस अवसर पर सपा महानगर अध्यक्ष बॉबी त्यागी, राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा, जिला बार संघ अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, प्रदेश सचिव विनय पाल और नौशाद अली सहित कई अन्य नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष पूजा अनिल अंबेडकर ने लोगों को लड्डू खिलाकर खुशी व्यक्त की। डॉ. मोनिका सिंह ने सैकड़ों समर्थकों के साथ सपा में शामिल होने की घोषणा की, जबकि लोकेंद्र कुमार पुरकाजी से सैकड़ों लोगों के साथ पैदल चलकर श्रद्धांजलि देने पहुंचे।


