गयाजी जिले के बाराचट्टी प्रखंड स्थित देवरी-डुमरी फायरिंग रेंज में शुक्रवार से सेना द्वारा फायरिंग अभ्यास शुरू किया जाएगा। गुरुवार को सेना के जवानों ने आसपास के गांवों में माइकिंग कर ग्रामीणों को सतर्क किया और उनसे फायरिंग क्षेत्र में प्रवेश न करने की अपील की है। जवानों ने ग्रामीणों से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे स्वयं या अपने मवेशियों को फायरिंग रेंज के अंदर न जाने दें। साथ ही, कारतूस के टुकड़े (छर्रे) चुनने के लालच में भी क्षेत्र में प्रवेश करने से सख्त मना किया गया है, क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में सेना द्वारा समय-समय पर फायरिंग अभ्यास किया जाता है। पूर्व में भी ग्रामीण गोला-बारूद के टुकड़े या छर्रे चुनने के लिए फायरिंग रेंज में प्रवेश कर जाते थे, जिसके कारण कई दुर्घटनाएं हुई हैं और लोगों की जान भी जा चुकी है। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। बुमेर पंचायत के मुखिया संजीव कुमार ने भी ग्रामीणों को सूचित किया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत बुमेर के सभी निवासियों को 6 मार्च 2026 को दोपहर 12 बजे से आर्मी का फायरिंग अभ्यास शुरू होने की सूचना दी गई है। उन्होंने सभी से अपने मवेशियों को जंगल की ओर न भेजने और स्वयं भी फायरिंग रेंज क्षेत्र में न जाने की अपील की। मुखिया ने स्पष्ट किया कि यह सूचना लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि को रोका जा सके। गयाजी जिले के बाराचट्टी प्रखंड स्थित देवरी-डुमरी फायरिंग रेंज में शुक्रवार से सेना द्वारा फायरिंग अभ्यास शुरू किया जाएगा। गुरुवार को सेना के जवानों ने आसपास के गांवों में माइकिंग कर ग्रामीणों को सतर्क किया और उनसे फायरिंग क्षेत्र में प्रवेश न करने की अपील की है। जवानों ने ग्रामीणों से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे स्वयं या अपने मवेशियों को फायरिंग रेंज के अंदर न जाने दें। साथ ही, कारतूस के टुकड़े (छर्रे) चुनने के लालच में भी क्षेत्र में प्रवेश करने से सख्त मना किया गया है, क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में सेना द्वारा समय-समय पर फायरिंग अभ्यास किया जाता है। पूर्व में भी ग्रामीण गोला-बारूद के टुकड़े या छर्रे चुनने के लिए फायरिंग रेंज में प्रवेश कर जाते थे, जिसके कारण कई दुर्घटनाएं हुई हैं और लोगों की जान भी जा चुकी है। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। बुमेर पंचायत के मुखिया संजीव कुमार ने भी ग्रामीणों को सूचित किया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत बुमेर के सभी निवासियों को 6 मार्च 2026 को दोपहर 12 बजे से आर्मी का फायरिंग अभ्यास शुरू होने की सूचना दी गई है। उन्होंने सभी से अपने मवेशियों को जंगल की ओर न भेजने और स्वयं भी फायरिंग रेंज क्षेत्र में न जाने की अपील की। मुखिया ने स्पष्ट किया कि यह सूचना लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि को रोका जा सके।


