मुंबई के मुलुंड रेलवे स्टेशन पर दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक शख्स ने अपने 13 साल के बेटे के सामने ही अपनी पत्नी को चलती लोकल ट्रेन के आगे धकेल दिया। जिससे पुष्पा गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई। रेलवे पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) ने तत्परता दिखाते हुए 20 घंटे के भीतर फरार पति राजू गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि पति-पत्नी के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था।
मृतक महिला की पहचान पुष्पा गुप्ता के तौर पर हुई है, जो अपने पति और दो बच्चों के साथ मुलुंड पश्चिम के रामगढ़ इलाके में रहती थी। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। परेशान होकर पुष्पा कुछ समय पहले अपने मायके उत्तर प्रदेश चली गई थी। 14 मार्च को पुष्पा का भाई कमलेश जो सेना में जवान है, उसे समझौते के लिए वापस मुंबई लेकर आया। लेकिन घर लौटने के बाद दोनों के बीच फिर विवाद शुरू हो गया। मामला इतना बढ़ा कि पुष्पा ने भाई कमलेश के कहने पर दोबारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जिससे राजू आगबबूला हो गया।
पत्नी के फौजी भाई को घर में किया कैद
शिकायत के बाद पुष्पा अपने भाई और बेटे के साथ कलवा में रहने वाले रिश्तेदार के घर जाने के लिए मुलुंड स्टेशन पर पहुंची। इस दौरान जरुरी दस्तावेज भूलने के कारण कमलेश को बहन के घर वापस जाना पड़ा, जबकि पुष्पा मुलुंड स्टेशन पर ही रुक गई। घर पहुंचते ही कमलेश का उसके जीजा राजू के साथ फिर झगड़ा हो गया। इस बीच, राजू ने कमलेश को कमरे में बंद कर दिया और खुद मुलुंड स्टेशन की ओर निकल गया। वह पत्नी पुष्पा को घर चलने के लिए मनाने लगा। लेकिन पुष्पा ने रोज-रोज के झगड़ों से तंग आकर तलाक लेने की बात कही।
13 वर्षीय मासूम के सामने घटी खौफनाक घटना
मुलुंड स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर जब राजू अपनी पत्नी पुष्पा और 13 साल के बेटे से मिला, तो उसने पुष्पा को घर वापस चलने के लिए मनाने की कोशिश की। रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर पुष्पा ने साफ कहा कि वह वापस नहीं लौटेगी और तलाक लेगी। तलाक की बात सुनते ही राजू अपना आपा खो बैठा और जैसे ही लोकल ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आई, उसने पुष्पा को पटरी पर धकेल दिया। यह सब कुछ उनके छोटे बेटे की आंखों के सामने हुआ, जो इस घटना के बाद सदमे में है।
20 घंटे में आरोपी गिरफ्तार
शनिवार सुबह करीब 10.45 बजे हुई इस वारदात के बाद आरोपी राजू मौके से फरार हो गया था। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुष्पा को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रेलवे पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी का पीछा किया और महज 20 घंटे के भीतर उसे ढूंढ निकाला।
फिलहाल पुलिस इस मामले में चश्मदीद बेटे और भाई कमलेश के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।


