Arijit Singh Last playback Song: अरिजीत सिंह ने अपने फैंस का दिल तोड़ दिया है। लाखों दिलों पर राज करने वाले अरिजीत ने अपनी जिंदगी का बड़ा फैसला लेते हुए ये कदम उठाया। अब इसी बीच उनका आखिरी गाना सामने आया है। जो लोग सुन रहे हैं और ये यूट्यूब पर तहलका मचा रहा है। हर कोई इसे बेहद पसंद कर रहा है। उस गाने का सीधा कनेक्शन उस सुपरस्टार से है जिसके साथ कभी अरिजीत की दुश्मनी थी। हम बात कर रहे हैं सलमान खान की।
अरिजीत सिंह ने इंस्टाग्रान पर लिखा इमोशनल नोट (Arijit Singh Instagram)
अरिजीत सिंह ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में अपने फैंस को रिटायरमेंट का कारण बताया। साथ ही उन्होंने उन तमाम प्रशंसकों और संगीतकारों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उनके सफर को इतना खूबसूरत बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वह फिल्मों के लिए बतौर प्लेबैक सिंगर कोई नया प्रोजेक्ट हाथ में नहीं लेंगे। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि वह संगीत बनाना जारी रखेंगे, लेकिन फिल्मों की दुनिया से उनका नाता अब एक गायक के तौर पर टूट गया है।

अरिजीत सिंह का ये हैं आखिरी गाना (Arijit Singh Last playback Song)
अरिजीत सिंह की विदाई भी उतनी ही गरिमामय रही जितना उनका करियर। उनका आखिरी फिल्मी गाना सलमान खान की आने वाली फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का देशभक्ति गीत ‘मातृभूमि’ है। यह गाना न केवल देश के शहीदों को श्रद्धांजलि देता है, बल्कि अरिजीत की आवाज के उस जादू को भी समेटे हुए है जिसने उन्हें दुनिया का चहेता बनाया है। ‘मातृभूमि’ के बोल और अरिजीत की शानदार गायकी ने पहले ही लोगों की आंखों में आंसू ला दिए हैं। फैंस इसे अरिजीत के करियर का सबसे यादगार अंतिम अध्याय मान रहे हैं। यूट्यूब पर उस गाने को 18 मिलियन व्यूज अब तक मिल चुके हैं।
अरिजीत को मिली थी 2013 में असली पहचान (Arijit Singh Career)
बता दें, अरिजीत का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। 25 अप्रैल 1987 को पश्चिम बंगाल के जियागंज में जन्मे अरिजीत ने पहली बार रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ में नजर आए थे। हालांकि, उन्हें असली पहचान साल 2013 में मिली, जब फिल्म ‘आशिकी 2’ का गाना ‘तुम ही हो’ रिलीज हुआ। इस एक गाने ने अरिजीत को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
700 गानों की अनमोल विरासत (Arijit Singh Announces Retirement)
अपने करियर में अरिजीत ने अलग-अलग भाषाओं में 700 से ज्यादा गानों को अपनी आवाज दी है। चाहे वह ‘चन्ना मेरेया’ का दर्द हो, ‘राब्ता’ का रोमांस या ‘अगर तुम साथ हो’ की संवेदनशीलता। अरिजीत ने कई नेशनल अवॉर्ड्स जीते और बॉलीवुड संगीत को एक नई पहचान दी। भले ही अब वह फिल्मों में नहीं गाएंगे, लेकिन उनके गाए हुए सैकड़ों गाने आने वाली कई पीढ़ियों के कानों में रस घोलते रहेंगे।


