सतना जिले की रामपुर बाघेलान तहसील के ग्राम बगहाई में अवैध उत्खनन का मामला गहरा गया है। यहां आदिवासी बस्ती के समीप कथित तौर पर बिना अनुमति मिट्टी की खुदाई कर रेलवे ठेकेदार को बेची जा रही है। शुक्रवार को उत्खनन रोकने पहुंचे हल्का पटवारी प्रभाकर सिंह को मौके पर मौजूद लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। यह उत्खनन आराजी नंबर 717/1/4 (आबादी भूमि) और 717/3/1 (निजी भूमि) पर षटबदन सिंह द्वारा कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कार्य लगातार जारी है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। पटवारी बोले- मौखिक बहस हुई
सूचना मिलने पर पटवारी प्रभाकर सिंह दोपहर करीब एक बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने उत्खनन रोकने का प्रयास किया, जिस दौरान वहां मौजूद लोगों से उनकी बहस हो गई। पटवारी ने स्पष्ट किया कि कोई अभद्रता नहीं हुई, बल्कि केवल मौखिक बहस हुई थी। अकेले होने के कारण वे पंचनामा तैयार कर वापस लौट आए। पटवारी प्रभाकर सिंह ने तत्काल घटना की जानकारी तहसीलदार सुजीत नागेश को दी और रामपुर बाघेलान थाना प्रभारी को भी सूचित किया। आरोप है कि पुलिस ने इसे खनन से जुड़ा मामला बताते हुए तत्काल बल भेजने से इनकार कर दिया, जिससे प्रशासनिक समन्वय पर सवाल उठ रहे हैं। तहसीलदार ने जांच के निर्देश दिए
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में दिन-रात अवैध उत्खनन जारी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। आदिवासी बस्ती के पास हो रही इस खुदाई से पर्यावरण और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने अवैध उत्खनन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में तहसीलदार सुजीत नागेश ने बताया कि पटवारी को जमीन की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उत्खननकर्ता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


