अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त से हमने करीब 10 मुद्दों पर बात की। बैठक दोपहर 12.00 बजे शुरू हुई और ढाई घंटे चली।
SIR Meeting Row: पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले प्रदेश में वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन से जुड़े मुद्दे को लेकर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की। बैठक के बाद TMC सांसद ने CEC पर गंभीर आरोप लगाए और दोनों के बीच बहस भी हुई। बनर्जी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे उंगली उठाकर बात करने की कोशिश की। लेकिन मैंने साफ कह दिया कि उंगली नीचे करके बात करो।
‘हम किसी के गुलाम नहीं’
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मैंने सीईसी से कहा कि आप नामित हैं, जबकि हम जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि हैं। हम किसी के गुलाम नहीं हैं। बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनौती देते हुए कहा कि यदि आपमें हिम्मत है तो वे बैठक के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करें और मीडिया के सवालों का सामना करें।
‘करीब 10 मुद्दों पर बात की’
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त से हमने करीब 10 मुद्दों पर बात की। बैठक दोपहर 12.00 बजे शुरू हुई और ढाई घंटे चली। पिछली बार, एक महीने पहले, 28 नवंबर को, हमारी पार्टी के 10 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल यहां आया था।
चुनाव आयोग से पूछे 5 सवाल
टीएमसी सांसद ने कहा कि हमने ईसी से 5 सवाल पूछे, लेकिन हमें उनमें से किसी का भी सटीक जवाब नहीं मिला। उसी रात, चुनाव आयोग ने कुछ पत्रकारों को चुनिंदा जानकारी लीक की, यह दावा करते हुए कि उन्होंने हर सवाल का जवाब दिया है। इसके तुरंत बाद, मैंने ट्वीट किया कि तृणमूल कांग्रेस के पास डिजिटल सबूत हैं और चुनाव आयोग ने पिछली बार हमारे किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया था।
उन्होंने कहा कि इस बार, 2-3 बातों को छोड़कर, हमें किसी भी चीज़ पर कोई स्पष्टता नहीं मिली। जब मैं उनसे SIR के बारे में पूछता हूं, तो वे बात को नागरिकता पर ले जाते हैं। किसी भी चीज़ का कोई ठोस जवाब नहीं मिला।
बंगाल को बदनाम करने की कोशिश
टीएमसी सांसद ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या के नाम पर बंगाल को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर 58 लाख लोगों की लिस्ट बनाई गई है तो इसमें साफ बताया जाए कि उनमें कितने अवैध प्रवासी हैं। अगर कोई अवैध है तो हम भी उन्हें बाहर करने के पक्ष में हैं, लेकिन इसको लेकर झूठा प्रचार बर्दाश्त नहीं करेंगे।


