क्या पुलिस-आर्मी की बंदूकों के कारतूस चोरी हो रहे:राजस्थान में फैला नेटवर्क, जयपुर में रेड, गोलियों का जखीरा, टाइगर की खाल भी मिली

क्या पुलिस-आर्मी की बंदूकों के कारतूस चोरी हो रहे:राजस्थान में फैला नेटवर्क, जयपुर में रेड, गोलियों का जखीरा, टाइगर की खाल भी मिली

जयपुर में एक गन स्टोर से आर्मी और पुलिस के उपयोग वाले कारतूस मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। दरअसल, एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (ATS) के इनपुट पर जयपुर के माणक चौक में शिकार गन स्टोर पर पुलिस ने छापेमारी की थी। गन स्टोर के मालिक मोहम्मद जहीरुद्दीन के घर भी पुलिस की टीम ने रेड की थी। इस कार्रवाई में बिना लाइसेंस की राइफल और प्रतिबंधित हथियारों के कारतूस मिले हैं। मेड इन इंग्लैंड की अवैध राइफल भी बरामद की गई है। जांच में सामने आया है कि संचालक ने रिकॉर्ड में भी गड़बड़ की है। पुलिस ने रामगंज थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे 2 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को शक है कि जोधपुर में पकड़े गए हेड कॉन्स्टेबल और एलडीसी के हथियारों की खरीद-फरोख्त केस का शिकार गन स्टोर से कनेक्शन हो सकता है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… एटीएस की सूचना पर जोधपुर की डांगियावास पुलिस ने 1 अप्रैल को दो आरोपियों जैसलमेर निवासी हेड कॉन्स्टेबल अमीन खां और एलडीसी वांगे खां को 12 बोर की अवैध बंदूक, 30 जिंदा कारतूस और 12 हजार रुपए के साथ पकड़ा था। पूछताछ में सामने आया कि दोनों जोधपुर से जैसलमेर के लिए रवाना हो रहे थे। इन्होंने ये हथियार जयपुर के परकोटा इलाके में स्थित ‘शिकार गन हाउस’ से 1 लाख 20 हजार रुपयों में खरीदे थे। इसके बाद जयपुर नॉर्थ पुलिस और एटीएस ने गुरुवार को शिकार गन स्टोर के मालिक मोहम्मद जहीरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। घर में मिली टाइगर की खाल शिकार गन हाउस और इसके मालिक के रामगंज इलाके में मोहल्ला बिसायतियान स्थित घर पर सर्च में पुलिस को बाघ की खाल, बिना लाइसेंस की राइफल और प्रतिबंधित हथियारों के 32 तरह के 282 कारतूस मिले हैं। जांच में सामने आया है कि .22 बोल्ट अवैध राइफल ‘मेड इन इंग्लैंड’ की है। वहीं, घर से बरामद 282 कारतूसों में से कई प्रतिबंधित हैं। डीसीपी करण शर्मा ने बताया कि 282 कारतूस अलग-अलग बोर के हैं। 303 बोर पुलिस और आर्मी उपयोग में लिया करती थी, जबकि 7.62 बोर के काफी संवेदनशील प्रतिबंधित कारतूस भी मिले हैं। इसके अलावा पुराने हथियारों में उपयोग में लिए जाने वाले कारतूस भी मिले हैं। रिकॉर्ड में गड़बड़ की आशंका पुलिस को शक है कि शिकार स्टोर के संचालक ने रिकॉर्ड में हेराफेरी कर रखी है। इस लिहाज से पूरे रिकॉर्ड को सीज कर जांच तेज कर दी गई है। पुलिस कुछ हथियारों की एफएसएल जांच भी करा सकती है। पुलिस को अंदेशा है कि पुरानी गन रखकर उस पर नई गन के नंबर पिनअप किए गए है। इसके बाद नई गन को बेच दिया गया था। अब पुलिस सभी हथियारों के बारे में जांच कर रही है कि क्या पहले भी अवैध तरीके से हथियारों की बिक्री की गई थी। यदि ऐसा है, तो किन-किन लोगों को हथियार बेचे गए। हेड कॉन्स्टेबल और एलडीसी से भी हो रही पूछताछ मामले में जोधपुर के डांगियावास से गिरफ्तार हेड कांस्टेबल अमीन खां और एलडीसी वांगे खां से भी पता लगाया जा रहा है कि वे अवैध हथियार कहां लेकर जा रहे थे? क्या इनका अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क से कोई कनेक्शन है या फिर वे किसी और सिलसिले में हथियार लेकर जा रहे थे।

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