अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने स्वरोजगार योजनाओं के तहत लंबित ऋण आवेदनों पर तेजी लाने के लिए बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि युवाओं और छोटे उद्यमियों को समय पर ऋण नहीं मिलने पर किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैंकों को 6 फरवरी तक सभी लंबित आवेदनों को 100% स्वीकृत करने का अल्टीमेटम दिया गया है। जिला पदाधिकारी ने समाहरणालय के परमान सभागार में उद्योग विभाग द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत बैंकों में लंबित आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। समय पर ऋण न मिलना योजनाओं की भावना के खिलाफ बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, अग्रणी बैंक प्रबंधक (एसबीआई अररिया) और विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक उपस्थित थे। हालांकि, यूको बैंक, एचडीएफसी बैंक, बंधन बैंक और यूनियन बैंक के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर जिला पदाधिकारी ने खेद व्यक्त करते हुए नाराजगी जताई। श्री दूहन ने कहा कि सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, और पात्र लाभुकों को समय पर ऋण न मिलना योजनाओं की भावना के खिलाफ है। जिला पदाधिकारी ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं के प्रति गंभीरता दिखाएं और पात्र आवेदकों को जल्द से जल्द ऋण उपलब्ध कराएं। इसके लिए मुख्य समय-सीमा निर्धारित की गई है: 6 फरवरी 2026 तक सभी लंबित आवेदनों की 100% स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही, 12 मार्च 2026 तक सभी लंबित आवेदन पत्रों का पूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और किसी भी तरह की देरी को गंभीरता से लेने को कहा उन्होंने बैठक में मौजूद बैंक अधिकारियों से नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और किसी भी तरह की देरी को गंभीरता से लेने को कहा। जिला पदाधिकारी ने जोर देकर कहा कि स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली इन महत्वपूर्ण योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही अस्वीकार्य है। यह बैठक अररिया जिले में स्वरोजगार योजनाओं को गति देने और बैंक-जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय युवा और उद्यमी अब इन निर्धारित समय-सीमाओं के बाद तेजी से ऋण स्वीकृति की उम्मीद कर रहे हैं। अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने स्वरोजगार योजनाओं के तहत लंबित ऋण आवेदनों पर तेजी लाने के लिए बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि युवाओं और छोटे उद्यमियों को समय पर ऋण नहीं मिलने पर किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैंकों को 6 फरवरी तक सभी लंबित आवेदनों को 100% स्वीकृत करने का अल्टीमेटम दिया गया है। जिला पदाधिकारी ने समाहरणालय के परमान सभागार में उद्योग विभाग द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत बैंकों में लंबित आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। समय पर ऋण न मिलना योजनाओं की भावना के खिलाफ बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, अग्रणी बैंक प्रबंधक (एसबीआई अररिया) और विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक उपस्थित थे। हालांकि, यूको बैंक, एचडीएफसी बैंक, बंधन बैंक और यूनियन बैंक के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर जिला पदाधिकारी ने खेद व्यक्त करते हुए नाराजगी जताई। श्री दूहन ने कहा कि सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, और पात्र लाभुकों को समय पर ऋण न मिलना योजनाओं की भावना के खिलाफ है। जिला पदाधिकारी ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं के प्रति गंभीरता दिखाएं और पात्र आवेदकों को जल्द से जल्द ऋण उपलब्ध कराएं। इसके लिए मुख्य समय-सीमा निर्धारित की गई है: 6 फरवरी 2026 तक सभी लंबित आवेदनों की 100% स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही, 12 मार्च 2026 तक सभी लंबित आवेदन पत्रों का पूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और किसी भी तरह की देरी को गंभीरता से लेने को कहा उन्होंने बैठक में मौजूद बैंक अधिकारियों से नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और किसी भी तरह की देरी को गंभीरता से लेने को कहा। जिला पदाधिकारी ने जोर देकर कहा कि स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली इन महत्वपूर्ण योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही अस्वीकार्य है। यह बैठक अररिया जिले में स्वरोजगार योजनाओं को गति देने और बैंक-जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्थानीय युवा और उद्यमी अब इन निर्धारित समय-सीमाओं के बाद तेजी से ऋण स्वीकृति की उम्मीद कर रहे हैं।


