देवरिया जिले के सोनूघाट-बरहज मार्ग को अब फोरलेन में विकसित किया जाएगा। लगभग 21 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए शासन से मंजूरी मिल गई है। परियोजना के लिए 172 करोड़ 25 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है, जिसमें से पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। यह मार्ग पिछले लगभग दो दशकों से खराब स्थिति में था। सिंगल लेन होने के कारण कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह गड्ढों में बदल चुकी थी, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती थीं और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। लोक निर्माण विभाग द्वारा हर वर्ष मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती रही, जिससे कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया था। अब इस सड़क को फोरलेन में बदलने से यातायात सुगम और सुरक्षित होगा। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए कई स्थानों पर भूमि अधिग्रहण भी किया जाएगा। परियोजना के तहत आधुनिक मानकों के अनुरूप सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। फोरलेन बनने के बाद यात्रा का समय कम होने के साथ-साथ व्यापार, परिवहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य जल्द ही शुरू कराया जाएगा, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सके। जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
लोक निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव राजेश प्रताप सिंह ने प्रमुख अभियंता, जिलाधिकारी और प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता को पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी है। विभाग द्वारा पिछले महीने ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, जिससे अब निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य धरातल पर उतर जाएगा।
21.75 किमी सड़क बनेगी फोरलेन
करीब 21.75 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को फोरलेन में विकसित किया जाएगा। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई लगभग सात मीटर है और कई स्थानों पर यह जर्जर होकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। प्रस्ताव के अनुसार, इसे चार लेन में विस्तारित किया जाएगा, जहां प्रत्येक लेन की चौड़ाई सात मीटर होगी। साथ ही दोनों लेन के बीच दो मीटर चौड़ा डिवाइडर भी बनाया जाएगा, जिससे यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम हो सके।
गांवों में नाली, पुलिया और अन्य सुविधाएं
इस परियोजना के तहत केवल सड़क चौड़ीकरण ही नहीं, बल्कि अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। सड़क किनारे पटरियों का निर्माण किया जाएगा। वहीं सोनूघाट, बैरौना, गड़ेर, करुअना, भैया फुलवरिया और बरहज जैसे आबादी वाले क्षेत्रों में आरसीसी नालियों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा बिजली के खंभों को शिफ्ट करने और मार्ग पर 10 स्थानों पर नई पुलियों के निर्माण की भी योजना शामिल है।
दुर्घटनाएं घटेंगी, विकास को मिलेगा बढ़ावा
वर्तमान में इस मार्ग की खराब स्थिति के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और राहगीरों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। फोरलेन बनने के बाद न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि यातायात दबाव भी कम होगा। इससे व्यापार, आवागमन और क्षेत्रीय विकास को बड़ा लाभ मिलेगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि यह परियोजना तय समयसीमा के भीतर पूरी कर ली जाएगी, जिससे लोगों को जल्द बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।


