AMU में तीन तलाक के समर्थन पर रोकी नियुक्ति:PMO से पत्र आने पर दस्तावेजों में हेराफेरी, सीएम से शिकायत के बाद टीम गठित

AMU में तीन तलाक के समर्थन पर रोकी नियुक्ति:PMO से पत्र आने पर दस्तावेजों में हेराफेरी, सीएम से शिकायत के बाद टीम गठित

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में वैचारिक मतभेद और प्रशासनिक मनमानी का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय की चयनित अभ्यर्थी डॉ. सदाफ फातिमा ने आरोप लगाया है कि कट्टरपंथी सोच के खिलाफ आवाज उठाने और महिला सशक्तिकरण का समर्थन करने के कारण उनका करियर बर्बाद किया जा रहा है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत के बाद पुलिस ने एएमयू प्रशासन के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। ​कट्टरपंथ का विरोध करने पर बायकॉट की धमकी ​डॉ. सदाफ फातिमा का कहना है कि 2010 से 2013 के बीच उनका चयन स्थायी और अस्थायी पदों पर चयन किया गया था। एएमयू कुलपति की मंजूरी के बाद भी उनकी जॉइनिंग रोक दी। डॉ. सदाफ का आरोप है कि उनसे कहा गया कि वे तीन तलाक कानून का समर्थन करती हैं। उनपर एक पार्टी से जुड़ी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कैंपस से बायकॉट करने के लिए बोला गया। तीन तलाक कानून के समर्थन की मिली सजा पीड़िता का आरोप है कि उन्होंने तीन तलाक प्रतिबंध अधिनियम का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया था। इसके अलावा पीड़ित महिलाओं के लिए तीन तलाक रिवोल्यूशन सोसाइटी बनाई थी। आरोप है कि इसी राष्ट्रवादी सोच से नाराज होकर अधिकारियों ने उनके दस्तावेजों में हेराफेरी की और उनका मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न शुरू कर दिया। ​PMO के दखल के बाद दस्तावेजों में हेराफेरी ​पीड़िता ने बताया कि उत्पीड़न के खिलाफ उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत की थी। इसके बाद पीएमओ और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने पत्र भेजकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया था। आरोप है कि पत्र आने के बाद बौखलाए अधिकारियों ने रिकॉर्ड बदलकर एक विरोधाभासी रिपोर्ट तैयार की। इससे उनको मानसिक आघात लगा और जेएनएमसी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। यह है पूरा घटनाक्रम प्रॉक्टर से मांगा है जवाब इस संबंध में एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि सीएम पोर्टल से आईजीआरएस के माध्यम से जांच और कार्रवाई करने के लिए आया था। इस संबंध में एएमयू से जवाब मांगा गया है। एएमयू प्रॉक्टर को पत्र भेजकर टीम गठित कर जवाब देने के लिए कहा गया है। इस संबंध में एएमयू प्रॉक्टर प्रोफेसर नवेद खान का कहना है कि पुलिस के माध्यम से पत्र प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है।

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