औरंगाबाद में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर आज कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने प्रेस वार्ता आयोजित की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कुछ दिनों के लिए गैस वितरण व्यवस्था पर दबाव बना, लेकिन जिले में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। डीएम ने बताया कि औरंगाबाद में कुल 37 गैस एजेंसी डिस्ट्रीब्यूटर कार्यरत हैं, जिनमें 15 इंडेन, 11 एचपी और 11 भारत गैस एजेंसियां शामिल हैं। ये सभी एजेंसियां उपभोक्ताओं की मांग पूरी करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें और डिलीवरी में देरी की शिकायतें सामने आईं, जिसका मुख्य कारण “पैनिक बुकिंग” रहा। सामान्यतः प्रतिदिन 6700 बुकिंग होती थी, जो बढ़कर लगभग 15000 तक पहुंच गई, जिससे स्टॉक पर दबाव बना। प्रतिदिन 9644 सिलेंडर की हो रही आपूर्ति डीएम ने बताया कि अधिक बुकिंग के कारण सर्वर स्लो होने और ओटीपी संबंधी समस्याएं भी सामने आईं, लेकिन अब स्थिति काफी हद तक सामान्य हो गई है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 6700 नई बुकिंग के साथ-साथ लंबित बुकिंग को मिलाकर करीब 9644 सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि नई बुकिंग की तुलना में पहले लंबित बुकिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी की सुविधा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है, ताकि भीड़-भाड़ से बचा जा सके।डीएम ने लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक रूप से गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं और लगभग 25 दिनों के अंतराल पर ही जरूरत के अनुसार गैस बुकिंग करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाएगी। प्राथमिकता के तौर पर उपलब्ध कराया जा रहा कमर्शियल गैस सिलेंडर कमर्शियल गैस सिलेंडर के संबंध में उन्होंने बताया कि सीमित आपूर्ति के कारण प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों, पुलिस बल, सरकारी विद्यालयों और अन्य आवश्यक संस्थानों को गैस उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करने या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने बताया कि जिले में पाइपलाइन गैस कनेक्शन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में 1438 घरों में कनेक्शन दिया गया है, जिनमें से 400 से अधिक को जल्द सक्रिय किया जाएगा, जबकि 475 कनेक्शन अंतिम चरण में हैं। प्रेस वार्ता में सदर एसडीओ संतन कुमार सिंह, दाउदनगर एसडीओ अमित राजन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्वेतांक लाल, डीपीआरओ श्वेता प्रियदर्शी सहित कई अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। औरंगाबाद में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर आज कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने प्रेस वार्ता आयोजित की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कुछ दिनों के लिए गैस वितरण व्यवस्था पर दबाव बना, लेकिन जिले में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। डीएम ने बताया कि औरंगाबाद में कुल 37 गैस एजेंसी डिस्ट्रीब्यूटर कार्यरत हैं, जिनमें 15 इंडेन, 11 एचपी और 11 भारत गैस एजेंसियां शामिल हैं। ये सभी एजेंसियां उपभोक्ताओं की मांग पूरी करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें और डिलीवरी में देरी की शिकायतें सामने आईं, जिसका मुख्य कारण “पैनिक बुकिंग” रहा। सामान्यतः प्रतिदिन 6700 बुकिंग होती थी, जो बढ़कर लगभग 15000 तक पहुंच गई, जिससे स्टॉक पर दबाव बना। प्रतिदिन 9644 सिलेंडर की हो रही आपूर्ति डीएम ने बताया कि अधिक बुकिंग के कारण सर्वर स्लो होने और ओटीपी संबंधी समस्याएं भी सामने आईं, लेकिन अब स्थिति काफी हद तक सामान्य हो गई है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 6700 नई बुकिंग के साथ-साथ लंबित बुकिंग को मिलाकर करीब 9644 सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि नई बुकिंग की तुलना में पहले लंबित बुकिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी की सुविधा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है, ताकि भीड़-भाड़ से बचा जा सके।डीएम ने लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक रूप से गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं और लगभग 25 दिनों के अंतराल पर ही जरूरत के अनुसार गैस बुकिंग करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाएगी। प्राथमिकता के तौर पर उपलब्ध कराया जा रहा कमर्शियल गैस सिलेंडर कमर्शियल गैस सिलेंडर के संबंध में उन्होंने बताया कि सीमित आपूर्ति के कारण प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों, पुलिस बल, सरकारी विद्यालयों और अन्य आवश्यक संस्थानों को गैस उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करने या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने बताया कि जिले में पाइपलाइन गैस कनेक्शन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में 1438 घरों में कनेक्शन दिया गया है, जिनमें से 400 से अधिक को जल्द सक्रिय किया जाएगा, जबकि 475 कनेक्शन अंतिम चरण में हैं। प्रेस वार्ता में सदर एसडीओ संतन कुमार सिंह, दाउदनगर एसडीओ अमित राजन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्वेतांक लाल, डीपीआरओ श्वेता प्रियदर्शी सहित कई अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


