महिला आरक्षण विधेयक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लेख को लेकर यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के माध्यम से हम इस विधेयक को पारित करने की बात कर रहे हैं, जो महिलाओं को सशक्त बनाता है।
उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करती हूं कि उन्होंने महिलाओं के बारे में जो कहा था, उसे अमल में लाने का प्रयास किया। पीएम मोदी की कथनी और करनी में कोई दोहरा मापदंड नहीं है। वे जो कहते हैं, उसे करके दिखाते हैं। एक और बात, हमारे देश में महिलाओं को पारंपरिक रूप से देवी की तरह पूजा और सम्मान दिया जाता है।
महिला आरक्षण विधेयक पर प्रधानमंत्री मोदी के लेख के संबंध में एक महिला ने कहा कि पीएम मोदी ने जो प्रस्ताव रखा है, वह एक सही विचार है, क्योंकि विधानसभाओं और विधान परिषदों में महिलाओं की संख्या बढ़ने से उनकी शक्ति और भी अधिक मजबूत हो सकती है।
महिला आरक्षण बिल पर एडवोकेट अमनप्रीत कौर ने कहा कि यह एक बहुत अच्छी नीति है। हम मोदी सरकार के आभारी हैं, क्योंकि यह महिलाओं को आगे आने का मौका दे रही है। इससे हमारे समाज को फायदा होगा और एक स्पष्ट संदेश जाएगा कि महिलाओं को भी समान अवसर दिए जा रहे हैं।
पीएम मोदी के लेख को लेकर असम की एक महिला ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात से पूरी तरह सहमत हूं, क्योंकि दस साल पहले की तुलना में पूर्वोत्तर भारत में महिलाओं की शक्ति में काफी बढ़ोतरी हुई है।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा कि महिलाओं के लिए विधायी संस्थाओं में आरक्षण समय की मांग है। इससे हमारा लोकतंत्र और अधिक जीवंत एवं सहभागी बनेगा। इस आरक्षण को लागू करने में किसी भी तरह की देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगी।


