चित्तौड़गढ़ के गंगरार में एक और MD फैक्ट्री में छापा:लगभग 15 लाख कैश, स्मैक, MD, ड्रोन सहित कई सामान जब्त किए, 200 पुलिसकर्मियों की टीम ने की कार्रवाई

चित्तौड़गढ़ के गंगरार में एक और MD फैक्ट्री में छापा:लगभग 15 लाख कैश, स्मैक, MD, ड्रोन सहित कई सामान जब्त किए, 200 पुलिसकर्मियों की टीम ने की कार्रवाई

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की कार्रवाई के बाद अब चित्तौड़गढ़ पुलिस ने भी मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध एमडी ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। ऑपरेशन “विष हरण” के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 15 लाख रुपए नकद, एक ड्रोन, लैपटॉप, मोबाइल फोन, वाहन और एमडी बनाने में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में कच्चा माल जब्त किया है। यह कार्रवाई जिले में अब तक की सबसे बड़ी एमडी फैक्ट्री के खिलाफ मानी जा रही है। CBN के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा हाल ही में की गई कार्रवाई के बाद जिले में नशे के कारोबार पर पुलिस ने भी शिकंजा कसना शुरू किया। इसी क्रम में महानिरीक्षक पुलिस, उदयपुर रेंज के निर्देश पर मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान “ऑपरेशन विष हरण” चलाया जा रहा है। इस अभियान का मकसद केवल नशे के छोटे तस्करों को पकड़ना नहीं, बल्कि मादक पदार्थों के पूरे नेटवर्क और उसकी जड़ तक पहुंचना है। चित्तौड़गढ़ पुलिस को इसी अभियान के तहत यह बड़ी सफलता हाथ लगी। एसपी मनीष त्रिपाठी बोले – पूरी रणनीति से किया काम पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि पिछले कई महीनों से जिले में मादक पदार्थों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। संदिग्ध लोगों, उनके संपर्कों और गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा था। पुलिस का उद्देश्य साफ था कि नशे के कारोबार से जुड़े पूरे गिरोह को उजागर किया जाए। इसी निरंतर निगरानी और योजना के चलते पुलिस को एमडी निर्माण से जुड़े एक बड़े नेटवर्क की जानकारी मिली। छोटी बरामदगी से खुला बड़ा राज इस पूरे मामले की शुरुआत कोतवाली चित्तौड़गढ़ थाना क्षेत्र से हुई। यहां थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने सत्तू माली और जीवन वैष्णव को गिरफ्तार किया। दोनों के पास से 6 ग्राम और 2 ग्राम एमडी बरामद हुई। पूछताछ में जब आरोपियों से सख्ती से सवाल किए गए और उनके मोबाइल व कॉल डिटेल्स की जांच की गई, तो सामने आया कि यह एमडी कहीं और से लाई जा रही थी। आरोपियों ने बताया कि नशा ग्राम जीवा नायकों का खेड़ा से लाया गया था। एमडी फैक्ट्री की पुख्ता सूचना पर हुई कार्रवाई आरोपियों के खुलासे और मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस को यह स्पष्ट हो गया कि ग्राम जीवा नायकों का खेड़ा में एमडी बनाने की अवैध फैक्ट्री चल रही है। यह फैक्ट्री रिहायशी इलाके में इस तरह से संचालित की जा रही थी कि किसी को शक न हो। पुलिस के लिए यह जानकारी बेहद गंभीर थी, क्योंकि एमडी का निर्माण सीधे तौर पर युवाओं के जीवन और समाज की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला है। 100 पुलिसकर्मियों की संयुक्त दबिश सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सरिता सिंह के निर्देशन में एक बड़ी टीम बनाई गई। सीओ गंगरार शिवन्या सिंह और सीओ सिटी बृजेश सिंह के नेतृत्व में 8 थानों के थानाधिकारी और करीब 100 पुलिसकर्मियों को इस ऑपरेशन में लगाया गया। पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखा गया और फिर थाना गंगरार क्षेत्र के ग्राम जीवा नायकों का खेड़ा में एक साथ दबिश दी गई। रिहायशी मकानों से फैक्ट्री का खुलासा दबिश के दौरान पुलिस ने देखा कि यहां मादक पदार्थों का निर्माण पूरी योजना के साथ किया जा रहा था। आरोपी जगदीश पुत्र तुलसीराम बंजारा, अशोक पुत्र जगदीश बंजारा और राहुल पुत्र जगदीश बंजारा के रिहायशी मकानों से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री मिली। हालांकि पुलिस के पहुंचते ही तीनों आरोपी पहाड़ियों की ओर भाग निकले, लेकिन मौके से मिली बरामदगी ने साफ कर दिया कि यहां एमडी फैक्ट्री संचालित हो रही थी। मादक पदार्थ और अन्य आपत्तिजनक सामान पुलिस ने मौके से 6 ग्राम स्मैक, 69 ग्राम टांका और 2.7 लीटर देशी शराब जब्त की। इसके साथ ही अल्फाबेट और नंबर पंचिंग मशीन भी मिली, जिसका इस्तेमाल अवैध कामों में किया जा रहा था। यह बरामदगी बताती है कि आरोपी केवल नशा बेच ही नहीं रहे थे, बल्कि उसकी पैकिंग और पहचान छिपाने के लिए भी साधन इस्तेमाल कर रहे थे। एमडी बनाने का खतरनाक कच्चा माल मिला सबसे गंभीर बात यह रही कि पुलिस को एमडी बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भी बड़ी मात्रा में मिला। इसमें एसिटिक एसिड, सोडियम कार्बोनेट, वॉशिंग सोडा, इमामेक्टिन बेंजोएट और एसिटाइल क्लोराइड जैसे रसायन शामिल हैं। इसके अलावा मास्क, रेस्पिरेटर सेट, एल्युमिनियम फॉयल, सूती कपड़ा और एमडी छानने में इस्तेमाल होने वाला सफेद कपड़ा भी बरामद किया गया। यह साफ संकेत है कि यहां पेशेवर तरीके से एमडी बनाई जा रही थी। 15 लाख नकद और ड्रोन बना सबसे बड़ा सबूत इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बरामदगी 14,16,950 नकद, यानी करीब 15 लाख रुपए, और एक ड्रोन की रही। इसके अलावा पुलिस ने 4 लैपटॉप, 33 मोबाइल फोन, एक कैमरा और एक नोट गिनने की मशीन भी जब्त की। ड्रोन की मौजूदगी से यह साफ हो गया कि आरोपी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके या तस्करी को सुरक्षित तरीके से अंजाम दिया जा सके। ड्रोन के होने के कारण उन्हें हमेशा पुलिस के आने की सूचना मिल जाती थी लेकिन इस बार पूरी प्लानिंग करके हमने अल सुबह दबिश दी जिसके कारण सभी सामान जब्त कर पाए। तस्करों का अंतर-जिला तक है नेटवर्क पुलिस ने एक हुंडई क्रेटा कार और दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं। इन गाड़ियों का इस्तेमाल मादक पदार्थों की ढुलाई और नेटवर्क के संचालन में किया जा रहा था। इतनी बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नकदी और गाड़ी मिलने से यह साफ है कि यह गिरोह केवल स्थानीय नहीं, बल्कि अंतर-जिला स्तर पर सक्रिय था। अब पुलिस इन सभी उपकरणों की जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। Zero Tolerance का दिया साफ संदेश SP त्रिपाठी ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ जिले में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने कहा कि नशे के सौदागरों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और पूरे नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ने के लिए पुलिस हर स्तर पर काम कर रही है। यह कार्रवाई नशे के कारोबार में लगे लोगों के लिए एक कड़ा और साफ संदेश है।

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