मघड़ा शीतला मंदिर में भगदड़ मामले में एक और FIR:कुप्रबंधन ने ली 8 महिलाओं की जान, 16 पुजारियों पर पैसे लेकर एंट्री देने का आरोप

मघड़ा शीतला मंदिर में भगदड़ मामले में एक और FIR:कुप्रबंधन ने ली 8 महिलाओं की जान, 16 पुजारियों पर पैसे लेकर एंट्री देने का आरोप

बिहारशरीफ के प्रसिद्ध मघड़ा शीतला मंदिर में मंगलवार को भगदड़ मचने से 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं। इस संबंध में मृतका कांति देवी के पति अर्जुन सिंह ने दीपनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आवेदन के अनुसार, 31 मार्च 2026 को सुबह करीब 6 बजे अपनी पत्नी के साथ पूजा के लिए मंदिर पहुंचे थे। आरोप है कि मंदिर के पुजारी और व्यवस्थापक श्रद्धालुओं से अवैध वसूली कर उन्हें पिछले दरवाजे से एंट्री करा रहे थे। मुख्य द्वार पर घंटों से लाइन में लगे श्रद्धालुओं को बांस के घेरे में जानबूझकर रोक कर रखा गया था। जैसे-जैसे पिछले दरवाजे से प्रवेश बढ़ा, मुख्य द्वार पर भीड़ का दबाव अनियंत्रित हो गया। मंदिर प्रशासन के लोग विरोध करने वालों के साथ बदसलूकी कर रहे थे। डंडे चलाकर उन्हें भगा रहे थे। करीब 10:00 बजे तेज धूप और भारी उमस के कारण भीड़ में भगदड़ मच गई और सुरक्षा के लिए लगाए गए बांस टूट गए।
16 नामजद सहित कई अज्ञात पर मामला दर्ज इस हादसे में बेहोश हुई महिलाओं को पुलिस और एंबुलेंस की मदद से बिहारशरीफ सदर अस्पताल लाया गया। जहां अर्जुन सिंह की पत्नी सहित आठ महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया। पीड़ित पक्ष ने मंदिर के मुख्य पंडा मुन्ना लाल पांडेय, रविरंजन पांडेय, विवेका पांडेय सहित 16 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से मारपीट करने और अवैध वसूली के लिए भीड़ को जोखिम में डालने का आरोप लगाया है। भगदड़ और मौत मामले में पुलिस भी कर चुकी है एफआईआर दीपनगर थाना में तैनात महिला पदाधिकारी मौसमी कुमारी के लिखित आवेदन पर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सचिव और कोषाध्यक्ष समेत 20 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस मामले में अब तक 4 पुजारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दीपनगर के अपर थानाध्यक्ष विमलेश कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी में जुट गई है। बिहारशरीफ के प्रसिद्ध मघड़ा शीतला मंदिर में मंगलवार को भगदड़ मचने से 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं। इस संबंध में मृतका कांति देवी के पति अर्जुन सिंह ने दीपनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आवेदन के अनुसार, 31 मार्च 2026 को सुबह करीब 6 बजे अपनी पत्नी के साथ पूजा के लिए मंदिर पहुंचे थे। आरोप है कि मंदिर के पुजारी और व्यवस्थापक श्रद्धालुओं से अवैध वसूली कर उन्हें पिछले दरवाजे से एंट्री करा रहे थे। मुख्य द्वार पर घंटों से लाइन में लगे श्रद्धालुओं को बांस के घेरे में जानबूझकर रोक कर रखा गया था। जैसे-जैसे पिछले दरवाजे से प्रवेश बढ़ा, मुख्य द्वार पर भीड़ का दबाव अनियंत्रित हो गया। मंदिर प्रशासन के लोग विरोध करने वालों के साथ बदसलूकी कर रहे थे। डंडे चलाकर उन्हें भगा रहे थे। करीब 10:00 बजे तेज धूप और भारी उमस के कारण भीड़ में भगदड़ मच गई और सुरक्षा के लिए लगाए गए बांस टूट गए।
16 नामजद सहित कई अज्ञात पर मामला दर्ज इस हादसे में बेहोश हुई महिलाओं को पुलिस और एंबुलेंस की मदद से बिहारशरीफ सदर अस्पताल लाया गया। जहां अर्जुन सिंह की पत्नी सहित आठ महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया। पीड़ित पक्ष ने मंदिर के मुख्य पंडा मुन्ना लाल पांडेय, रविरंजन पांडेय, विवेका पांडेय सहित 16 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से मारपीट करने और अवैध वसूली के लिए भीड़ को जोखिम में डालने का आरोप लगाया है। भगदड़ और मौत मामले में पुलिस भी कर चुकी है एफआईआर दीपनगर थाना में तैनात महिला पदाधिकारी मौसमी कुमारी के लिखित आवेदन पर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सचिव और कोषाध्यक्ष समेत 20 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस मामले में अब तक 4 पुजारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दीपनगर के अपर थानाध्यक्ष विमलेश कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी में जुट गई है।  

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