भागीरथपुरा दूषित जलकांड मामले में एक ओर मौत की बात सामने आई है। भागीरथपुरा में रहने वाले रामनरेश यादव की मंगलवार को मौत हो गई। वे पिछले काफी वक्त से बीमार चल रहे थे। परिवार का आरोप है कि दूषित पानी की वजह से ऐसा हुआ है। वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीज लिवर सिरोसिस से पीड़ित थे। बता दे कि भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। रामनरेश यादव की मौत को मिलाए तो ये आंकड़ा 36 हो गया है। रामनरेश यादव की बेटियां प्रिया और प्रेरणा ने बताया कि वे बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। मां गीता होस्टल में खाना बनाने का काम करती है। उनकी चार बेटियां है। 1 जनवरी को उन्हें उल्टी दस्त की शिकायत होने पर परिवार ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए कैंप में दिखाया था। वहां से दवा भी ली थी, लेकिन फर्क नहीं पड़ा, जिसके बाद उनका प्राइवेट इलाज करवाया। मगर पिता के पैर में बार-बार सूजन आ रही थी और ये सूजन बढ़ी जा रही थी। 15 दिन पहले उन्होंने प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां आईसीयू में उनका इलाज चला। उनके लीवर-किडनी खराब हो गए थे। जिसकी वजह से शरीर में पानी भरा रहा था। मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। मंगलवार को ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। इधर, मामले में स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि भागीरथपुरा में 58 वर्षीय एक पुरुष की ट्रू केयर अस्पताल में मृत्यु हुई है। वह लिवर सिरोसिस से पीड़ित थे, जिसकी वजह से पूरे शरीर में पानी भर गया था। साथ ही सांस लेने की तकलीफ से भी पीड़ित थे। अस्पताल प्रबंधन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उनकी मृत्यु लिवर सिरोसिस से हुई है।


