कंपनी बनाकर लाखों की ठगी में एक और केस:प्रयागराज में Prechargepay LLP के नाम पर फ्राॅड में पटाखा कारोबारी कादिर समेत 5 पर FIR

कंपनी बनाकर लाखों की ठगी में एक और केस:प्रयागराज में Prechargepay LLP के नाम पर फ्राॅड में पटाखा कारोबारी कादिर समेत 5 पर FIR

प्रयागराज में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। कर्नलगंज थाने में दर्ज एफआईआर में शहर के पटाखा कारोबारी और पूर्व व्यापार मंडल सदस्य मो. कादिर समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित अंकित कुमार साहू ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने Prechargepay LLP नाम की कंपनी में निवेश कराने के नाम पर उनसे और उनके रिश्तेदारों से लाखों रुपये ठग लिए। ऐसे हुआ ठगी का पूरा खेल बादशाही मंडी निवासी अंकित कुमार साहू अपने बड़े भाई के साथ जिला अदालत में अधिवक्ता क्लर्क/लॉ इंटर्न के रूप में काम करते हैं। वर्ष 2023 में सेवई मंडी के रहने वाले मो. आदिल वासी और इजहार अहमद कुरैशी उनसे कचहरी में मिले और अपनी कंपनी के लिए सर्वे करने की बात कही। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी निवेश पर अच्छा लाभांश देती है और पूरी जानकारी के लिए नेहरू कॉम्प्लेक्स आकर कादिर भाई से मिलने को कहा। बाद में आसिफ नाम के व्यक्ति का फोन आने पर अंकित ने घंटाघर स्थित नेहरू कॉम्प्लेक्स में कादिर और उसके भतीजे काशिफ से मुलाकात की। आरोप है कि वहां उन्हें Prechargepay LLP कंपनी में निवेश का तरीका बताया गया और भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार से जुड़े कई दस्तावेज दिखाकर भरोसा दिलाया गया। लाखों रुपये का निवेश कराया पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों के झांसे में आकर उसने 7 अगस्त 2023 को 2,04,000 रुपये का चेक दिया। 30 दिसंबर 2023 को 1,20,000 रुपये जमा किए। 2 अप्रैल 2024 को 1,20,000 रुपये नकद दिए। आरोप है कि शुरुआत में दो बार लाभांश दिया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। जब पैसा मांगा गया तो पांच साल में रकम का पांच गुना देने का आश्वासन देकर टालते रहे। अंकित का कहना है कि आरोपियों ने उनकी रिश्तेदार अनीता साहू से भी 2,40,000 रुपये चेक से, 81,600 रुपये गूगल पे से, 38,400 रुपये नकद लेकर लाखों रुपये की ठगी की। जाली दस्तावेज दिखाने का आरोप जांच में पीड़ित को पता चला कि आरोपियों ने कंपनी के फर्जी और कूटरचित दस्तावेज दिखाए थे। यहां तक कि काशिफ ने खुद को कंपनी का डेजिग्नेटेड पार्टनर बताते हुए जाली मोहर और हस्ताक्षर से रसीद भी जारी की, जबकि ऑनलाइन जांच में उसका नाम कंपनी के डायरेक्टर या पार्टनर के रूप में नहीं मिला। पहले भी दर्ज हो चुका है केस बताया जा रहा है कि नामजद आरोपी मो. कादिर, उसका भतीजा आसिफ और काशिफ इससे पहले शाहगंज थाना क्षेत्र में इसी कंपनी के जरिए ठगी के मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं इस प्रकरण में नामजद आदिल वासी फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा कर्नलगंज पुलिस ने तहरीर के आधार पर मो. कादिर, मो. आसिफ, मो. काशिफ, मो. आदिल वासी, इजहार अहमद कुरैशी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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