Ankle Swelling Test: टखनों में सूजन को न करें नजरअंदाज! डॉक्टर का ये 10 सेकंड का टेस्ट बता सकता है दिल या किडनी की बीमारी

Ankle Swelling Test: टखनों में सूजन को न करें नजरअंदाज! डॉक्टर का ये 10 सेकंड का टेस्ट बता सकता है दिल या किडनी की बीमारी

Ankle Swelling Test: कई लोगों को दिनभर खड़े रहने, लंबा सफर करने या ज्यादा देर तक एक ही जगह बैठने के बाद टखनों में सूजन महसूस होती है। अक्सर लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर टखनों और पैरों में सूजन बार-बार या लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह शरीर में किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकती है।

डॉक्टर इस स्थिति को समझने के लिए एक आसान सा टेस्ट करते हैं जिसे एंकल स्वेलिंग टेस्ट या पिटिंग ओडीमा टेस्ट कहा जाता है। यह टेस्ट शरीर में जमा हो रहे अतिरिक्त तरल (फ्लूइड) के बारे में संकेत दे सकता है और कई बार दिल, किडनी या ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी समस्याओं का पता लगाने में मदद करता है।

क्या होता है एंकल स्वेलिंग टेस्ट?

एंकल स्वेलिंग टेस्ट एक बहुत ही साधारण शारीरिक जांच है। इसमें डॉक्टर टखने या पिंडली के सूजे हुए हिस्से पर अपनी उंगली से हल्का दबाव डालते हैं और कुछ सेकंड तक दबाकर रखते हैं। इसके बाद उंगली हटाने पर देखा जाता है कि त्वचा तुरंत सामान्य हो जाती है या नहीं। अगर त्वचा तुरंत वापस सामान्य हो जाए, तो सूजन हल्की या अस्थायी हो सकती है। लेकिन अगर वहां कुछ सेकंड तक गड्ढा जैसा निशान बना रहे, तो इसे पिटिंग ओडीमा कहा जाता है। इसका मतलब हो सकता है कि शरीर में फ्लूइड ज्यादा जमा हो रहा है।

टखनों में फ्लूइड क्यों जमा होता है?

टखने और पैर शरीर का निचला हिस्सा होते हैं, इसलिए गुरुत्वाकर्षण (ग्रैविटी) की वजह से अतिरिक्त फ्लूइड अक्सर यहीं जमा होने लगता है। जब शरीर में फ्लूइड का संतुलन ठीक से नहीं बन पाता या ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, तब सूजन दिखाई देने लगती है। कई बार यह दिल, किडनी या लिवर से जुड़ी समस्याओं की वजह से भी हो सकता है।

दिल की बीमारी से भी हो सकती है सूजन

लगातार टखनों में सूजन कभी-कभी हार्ट फेल्योर का संकेत भी हो सकती है। इस स्थिति में दिल सही तरीके से खून पंप नहीं कर पाता। जब ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, तो शरीर के टिश्यू में फ्लूइड जमा होने लगता है, खासकर पैरों और टखनों में। ऐसे लोगों को सांस फूलना, जल्दी थकान होना और अचानक वजन बढ़ना जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

किडनी की समस्या से भी बढ़ सकती है सूजन

किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर निकालने का काम करती है। अगर किडनी ठीक से काम नहीं कर रही हो, तो शरीर में फ्लूइड जमा होने लगता है। ऐसी स्थिति में टखनों, पैरों और कभी-कभी चेहरे पर भी सूजन दिखाई दे सकती है। क्रॉनिक किडनी डिजीज वाले मरीजों में यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती हुई दिखाई दे सकती है।

सूजन के और भी कारण हो सकते हैं

हर बार टखनों की सूजन किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती। कई बार इसके पीछे साधारण कारण भी हो सकते हैं जैसे

  • लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना
  • ज्यादा नमक खाना
  • गर्भावस्था
  • कुछ दवाइयों का असर
  • नसों में कमजोर ब्लड सर्कुलेशन

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

अगर सूजन कभी-कभार होती है और आराम करने से ठीक हो जाती है, तो आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन अगर सूजन लंबे समय तक बनी रहे या बढ़ती जाए, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। खासकर अगर सूजन के साथ सांस फूलना, सीने में दर्द, अचानक वजन बढ़ना, बहुत ज्यादा थकान या पेशाब कम होना जैसे लक्षण भी हों, तो तुरंत मेडिकल सलाह लेनी चाहिए।कुल मिलाकर, एंकल स्वेलिंग टेस्ट एक छोटा सा लेकिन उपयोगी तरीका है, जिससे डॉक्टर शरीर में फ्लूइड जमा होने के संकेत पहचान सकते हैं और जरूरत पड़ने पर आगे की जांच करके सही इलाज शुरू कर सकते हैं।

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