अंकित को मरना था, बेवजह मारे गए बाबूराम और जितेंद्र:बहन ने प्रेमी संग मिलकर रची थी साजिश, दोनों गिरफ्तार, कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस

मेरठ के दौराला में तीन लोगों की मौत शराब में जहर मिलाने से हुई थी। यह जहर अंकित के लिए बहन अलका ने मिलाया था जो उसके प्यार की राह का कांटा बना था। कांटे को निकालने के लिए बहन ने प्रेमी पवन उर्फ पोली संग मिलकर योजना बनाई और घर में पहले से मौजूद शराब में जहर मिला दिया। सोचा था अंकित शराब पीएगा मर जाएगा और किसी को शक भी ना होगा। लेकिन क्या पता था जहर मिली इस शराब पर बाबूराम व जितेंद्र का नाम भी लिखे थे। पुलिस अलका और उसके प्रेमी पवन उर्फ पोली को हिरासत में लेकर इस सनसनीखेज हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है। रविवार को पूरे मामले का खुलासा किया जा सकता है। जानिए क्या थी तीन मौतों की कहानी
दौराला थाना क्षेत्र के साईंपुरी गली नंबर 2 में बाबूराम प्रजापति भराला वालों की रिया स्पेलर व आटा चक्की नाम की दुकान है। शुक्रवार शाम इसी क्षेत्र का रहने वाला अंकित देशी शराब का टेट्रा पैक लेकर यहां पहुंचा। उसे सरसों का तेल निकलवाना था। दुकान पर बाबूराम के अलावा उनका कर्मचारी जितेंद्र कश्यप भी मौजूद था। अंकित को शराब पीता देख बाबूराम व जितेंद्र भी आ गए। इसके बाद तीनों ने एक साथ शराब का सेवन किया। देखते ही देखते उनकी हालत बिगड़ने लगी और तीनों बेसुध होकर गिर गए। परिजन तीनों को उठाकर अस्पताल ले गए, जहां बारी-बारी तीनों की मृत्यु हो गई। जहरीली शराब पीने का मच गया शोर
एक साथ तीन मौतों के बाद कोहराम मच गया। क्योंकि तीनों ने एक साथ शराब पी थी इसलिए शोर यही मच गया कि मिलावटी शराब के कारण तीनों की मौत हुई है। तीन मौतों ने प्रशासन के भी होश उड़ा दिए। आननफानन में डीएम डा. वीके सिंह और एसएसपी अविनाश पांडेय अपने साथ जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार को लेकर दौराला पहुंचे और छानबीन शुरु करा दी। देशी शराब की जितनी भी दुकानें थीं, सभी को बंद कराकर आबकारी ने जांच शुरु कर दी। जहरीली शराब का आरोप नकारा
तीन मौतों से लोगों में गुस्सा था। वह सरकारी दुकान से जहरीली शराब बेचे जाने का आरोप लगा रहे थे लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अफसर इसे मानने को तैयार नहीं थे। उनका मत साफ था कि लगभग 400 टेट्रा पेक इस शराब के बिके हैं लेकिन मौत केवल तीन लोगों की हुई है, जिन्होंने एक साथ बैठकर शराब पी। अगर शराब मिलावटी या नकली होती तो मरने अथवा बीमार पड़ने वालों की संख्या कहीं अधिक होती। जैसा बताया गया था, वैसा ही हुआ। शनिवार शाम आई रिपोर्ट में साफ हो गया कि शराब ठीक थी। उसमें किसी के द्वारा जहर मिलाया गया था। बहन पर गहराता चला गया शक
करीब 12 वर्ष पहले अंकित की शादी हुई थी लेकिन बाद में वह रिश्ता खत्म हो गया। इसके बाद अंकित ने शादी नहीं की और शराब को अपना साथी बना लिया। अलका को लगा कि कभी तो अंकित शादी करेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अंकित शादी नहीं कर रहा था और अलका की उम्र निकलती जा रही थी। इसी बीच उसका गांव के पवन उर्फ पोली से प्रेम प्रसंग हो गया। अंकित को इसका पता चला तो उसने विरोध कर दिया। भाई-बहन के बीच मनमुटाव बढ़ने लगा। कई बिंदुओं पर शुरु हुई जांच घूम फिरकर प्रेम प्रसंग पर रुक गई, जिसका ठोस आधार ढूंढना पुलिस ने शुरु कर दिया। बार बार बयान बदल रही थी अलका
पुलिस का तफ्तीश करने का अपना एक तरीका होता है। शक के दायरे में आये लोगों से वह कई बार पूछताछ करती है। शातिर अपराधी कई बार पुलिस के जाल में ना फंसकर चुनौती भी पैदा करता है लेकिन अलका इस मामले में कच्ची निकली। पुलिस ने उससे जब भी पूछताछ की, हर बार वह बयान बदलती रही। शनिवार दोपहर तक पुलिस ने किसी को शक नहीं होने दिया। जैसे ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई, पुलिस ने पहले अलका और फिर उसके प्रेमी पवन उर्फ पोली को उठा लिया। आखिर किस जहर का हुआ इस्तेमाल
पुलिस अलका और पवन से पूछताछ कर रही है। उस जहर का पता लगाया जा रहा है जो शराब में मिलाया गया था। कहां से जहर आया और किस तरह उसे शराब में मिलाया गया, इसकी भी जानकारी की जा रही है। जानकारी तो यहां तक मिल रही है कि यह शराब कई दिन पहले पवन ने ही अलका को उपलब्ध कराई थी ताकि समय रहते इसमें जहर मिलाया जा सके। वह जानते थे कि अंकित को जब शराब दिखेगी तो वह अपने आप को पीने से रोक नहीं पाएगा। रविवार को उठेगा पूरे मामले से पर्दा
पुलिस इस वारदात से जुड़े लगभग 80 प्रतिशत साक्ष्य जुटा चुकी है। जिस वक्त ग्रामीण तीनों के अंतिम संस्कार में व्यस्त थे, उस वक्त भी पुलिस टीमें छानबीन में जुटी थीं। अब इन सभी साक्ष्यों को एकत्र कर कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। रविवार को पुलिस इस सनसनीखेज मामले का खुलासा कर सकती है। हालांकि अफसर इस मामले में अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका सिर्फ यही कहना है कि जल्द पूरे मामले से पर्दा उठाया जाएगा।

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