Anganwadi Assistant Recruitment: हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें एक आंगनवाड़ी असिस्टेंट की सर्विस खत्म कर दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि यह नियमों के खिलाफ था। जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता को उसी सेंटर पर फिर से काम पर रखने का निर्देश दिया। इस मामले में याचिकाकर्ता की तरफ से वकील प्राची तरुंधर दीवान ने पैरवी की।
Anganwadi Assistant Recruitment: राजनीतिक शिकायत के आधार पर कार्रवाई का आरोप
याचिकाकर्ता मुरली यादव ने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर बर्खास्तगी आदेश को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि उनके खिलाफ की गई शिकायत राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित थी। बिना विभागीय जांच और नियमों का पालन किए एकतरफा कार्रवाई कर सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
नियुक्ति और सेवा का विवरण
याचिका में बताया गया कि मुरली यादव की नियुक्ति जनपद पंचायत शंकरगढ़, जिला बलरामपुर के समुद्री आंगनबाड़ी केंद्र में 19 अगस्त 2023 को सहायिका पद पर हुई थी। तब से वे केंद्र और राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं का ईमानदारी से क्रियान्वयन कर रही थीं।
Anganwadi Assistant Recruitment: 13 दिन में जारी हुआ बर्खास्तगी आदेश
24 सितंबर 2022 को आयोजित ‘विधायक आपके द्वार’ कार्यक्रम में उनके खिलाफ शिकायत की गई थी। आरोप है कि शिकायत के आधार पर महज 13 दिनों के भीतर सेवा से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि सेवा भर्ती नियमों की अनदेखी कर यह कार्रवाई की गई, जो विधिसम्मत नहीं है।
सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने माना कि बर्खास्तगी आदेश प्रक्रिया और नियमों के अनुरूप नहीं था। कोर्ट ने आदेश को रद्द करते हुए याचिकाकर्ता को पूर्व पदस्थापना स्थल पर बहाल करने के निर्देश दिए।


