भोजपुर में आग में झुलसी महिला की मौत हो गई। सदर अस्पताल के बर्न वार्ड में इलाज चल रहा था। मृतका की पहचान तेतरा देवी(90) के तौर पर हुई है। घटना नारायणपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव की है। जानकारी के मुताबिक 10 पहले बुजुर्ग महिला घर में बोरसी से आग सेंक रही थी। इस दौरान अचानक उनकी साड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। महिला गंभीर रूप से झुलस गईं। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। परिवार के मेन सदस्य गुजरात में थे। जिसके चलते प्रारंभिक इलाज गांव में हुआ।
गुजरात से पहुंचे परिवार के सदस्य महिला की हालत लगातार गंभीर बनी रही, लेकिन आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उन्हें तत्काल बड़े अस्पताल नहीं ले जाया जा सका। जब रविवार को उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, तब परिजनों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। यहां बर्न वार्ड में इलाज के दौरान सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतका के पुत्र शिवजी साह ने बताया कि अपने परिवार के साथ गुजरात में रहते हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद गांव पहुंचे, लेकिन तब तक हालत काफी नाजुक हो चुकी थी। मौत के बाद परिजन अपनी स्वेच्छा से शव को वापस गांव ले आए। परिवार में दो बेटे शिवजी साह, शंकर साह और दो बेटी ज्ञानती देवी, उर्मिला देवी हैं। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। भोजपुर में आग में झुलसी महिला की मौत हो गई। सदर अस्पताल के बर्न वार्ड में इलाज चल रहा था। मृतका की पहचान तेतरा देवी(90) के तौर पर हुई है। घटना नारायणपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव की है। जानकारी के मुताबिक 10 पहले बुजुर्ग महिला घर में बोरसी से आग सेंक रही थी। इस दौरान अचानक उनकी साड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। महिला गंभीर रूप से झुलस गईं। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। परिवार के मेन सदस्य गुजरात में थे। जिसके चलते प्रारंभिक इलाज गांव में हुआ।
गुजरात से पहुंचे परिवार के सदस्य महिला की हालत लगातार गंभीर बनी रही, लेकिन आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उन्हें तत्काल बड़े अस्पताल नहीं ले जाया जा सका। जब रविवार को उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, तब परिजनों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। यहां बर्न वार्ड में इलाज के दौरान सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतका के पुत्र शिवजी साह ने बताया कि अपने परिवार के साथ गुजरात में रहते हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद गांव पहुंचे, लेकिन तब तक हालत काफी नाजुक हो चुकी थी। मौत के बाद परिजन अपनी स्वेच्छा से शव को वापस गांव ले आए। परिवार में दो बेटे शिवजी साह, शंकर साह और दो बेटी ज्ञानती देवी, उर्मिला देवी हैं। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।


