Middle East : मध्य पूर्व (Middle East) में जारी जारी जंग (War) और अमेरिका-इजराइल के हमलों (US Israel Attacks) के बीच ईरान (Iran) ने एक बड़ा कदम उठाया है। ईरान ने एक पाकिस्तानी (Pakistani) कॉमर्शियल तेल टैंकर (Oil Tanker) को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है। इस समुद्री रास्ते (Sea Route) में इस वक्त युद्ध (War) के कारण भारी रुकावट है और सैकड़ों जहाज (Vessels) फंसे हुए हैं। पाकिस्तान नेशनल शिपिंग कॉर्पोरेशन (PNSC) ने पुष्टि की है कि उनका जहाज सुरक्षित बाहर आ गया है। इस जहाज का नाम ‘एमटी कराची’ (MT Karachi) है, जिसमें 1,09,990 टन कच्चा तेल (Crude Oil) लदा हुआ है। ईरानी अधिकारियों (Iranian Officials) से हरी झंडी मिलने के बाद 15 मार्च को इस टैंकर ने होर्मुज पार किया। उम्मीद है कि यह बुधवार तक कराची बंदरगाह (Karachi Port) पहुंच जाएगा। इस तनाव (Conflict) का सीधा असर पाकिस्तान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था (Economy) पर भी पड़ रहा है। पाकिस्तान सरकार (Pakistan Government) को ईंधन बचाने के लिए कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं। अफगानिस्तान (Afghanistan) से सटी सीमा और टीटीपी (TTP) से लड़ते हुए पाकिस्तान इस युद्ध का अतिरिक्त बोझ (Burden) नहीं सह सकता।
ईरान ने पाकिस्तान को राहत दी (Relief for Pakistan)
अमेरिका और इजराइल (US Israel) की ओर से ईरान पर किए जा रहे हमलों के बाद, ओमान और ईरान के बीच मौजूद बेहद संकरे रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में व्यापारिक जहाजों की कतारें लग गई हैं। इन हालातों में ईरान का पाकिस्तानी जहाज को रास्ता देना एक बड़ी रणनीतिक और कूटनीतिक राहत मानी जा रही है।
पाकिस्तान में आर्थिक संकट और कटौती (Economic Crisis)
ईरान संकट (Iran Crisis) ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी है। इसके कारण इस्लामाबाद (Islamabad) ने कड़े ऑस्टेरिटी पैकेज का ऐलान किया है। सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल में 60 फीसदी की कटौती की गई है और मंत्रियों-अफसरों के वेतन भत्तों (Salary Cuts) में 25 प्रतिशत तक की कमी की गई है।
सरकारी खर्चे पर लगाम (Government Expenses)
बचत अभियान (Austerity Measures) के तहत अधिकारियों की हवाई यात्राएं सीमित कर दी गई हैं। नई खरीद पर रोक है और सरकारी बैठकों (Virtual Meetings) को अब सिर्फ ऑनलाइन करने का निर्देश दिया गया है।
हफ्ते में चार दिन खुलेंगे दफ्तर (Working Days)
पेट्रोल और बिजली बचाने (Fuel Savings) के लिए अब पाकिस्तान में सिर्फ 4 दिन ही सरकारी दफ्तर खुलेंगे। केवल बैंकिंग और इमरजेंसी सेवाएं ही नियमित रूप से काम करेंगी, बाकी सभी विभागों को सख्ती से इन नियमों का पालन करना होगा।


