LPG संकट के बीच राजस्थान के इस जिले को PNG का तोहफा, सिर्फ 354 रुपए में मिलेगा कनेक्शन; होंगे ये फायदे

LPG संकट के बीच राजस्थान के इस जिले को PNG का तोहफा, सिर्फ 354 रुपए में मिलेगा कनेक्शन; होंगे ये फायदे

टोंक। मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण देश में एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने के बीच उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने जिले में कई जगह पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) सुविधा उपलब्ध कराई है। टोंक शहर अब हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के माध्यम से पीएनजी कनेक्शन दिए जा रहे हैं।

जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन का कार्य पूर्ण हो चुका है, वहां उपभोक्ताओं से तुरंत पीएनजी कनेक्शन लेने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन मकानों में पाइपलाइन फिटिंग पूरी हो चुकी है, वहां उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी और पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा।

मालपुरा और निवाई में भी यह सुविधा दी जा रही है। जिला रसद अधिकारी इन्द्रपाल मीणा ने बताया कि पुराने हाउसिंग बोर्ड में गैस पाइपलाइन पूरी तरह से चालू है और अब तक 611 घरों को कनेक्शन दिया जा चुका है। लगभग छह महीने से 51 घरों में उपभोक्ता पीएनजी सुविधा का लाभ ले रहे हैं। कनेक्शन लेने के लिए मात्र 354 रुपए शुल्क और 1500 रुपए गैस सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। बिलिंग दो माह में एक बार की जाएगी।

ये है फायदे

-24 घंटे निरंतर आपूर्ति, सिलेंडर की डिलीवरी का इंतजार नहीं।
-प्राकृतिक गैस हवा से हल्की होती है, रिसाव होने पर जल्दी फैल जाती है, दुर्घटना की संभावना कम।
-मीटर आधारित बिलिंग, केवल उपयोग की गई गैस का भुगतान।
-भारी सिलेंडर संभालने की आवश्यकता नहीं।
-पर्यावरण के अनुकूल, स्वच्छ जलन और वायु गुणवत्ता में सुधार।
-जिला रसद अधिकारी इन्द्रपाल मीणा ने गुरुवार को गैस कम्पनी प्रतिनिधि अंकित कुमार व तकनीकी कर्मचारियों के साथ -पुराने हाउसिंग बोर्ड में घर-घर जाकर पीएनजी के फायदे बताए और उपभोक्ताओं से कनेक्शन लेने का अनुरोध किया।

राजस्थान में गैस किल्लत बनी बड़ी समस्या

राजस्थान में इन दिनों गैस किल्लत एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है, जिससे आम उपभोक्ता से लेकर कारोबारी वर्ग तक प्रभावित है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे, जबकि कमर्शियल गैस की कमी से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों का काम प्रभावित हो रहा है। नए नियमों जैसे ओटीपी आधारित डिलीवरी ने भी कई लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बढ़ती मांग, सप्लाई में बाधा और कालाबाजारी की शिकायतों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। सरकार हालात सुधारने के लिए प्रयासरत है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *