Iran US Peace Talks: इस्लामाबाद में हुई अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित बातचीत आखिरकार बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। करीब 21 घंटे तक चली इस मैराथन वार्ता से दुनिया को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन अंत में निराशा ही हाथ लगी। दुनिया के साथ-साथ पाक्सितान को भी इस वार्ता से बहुत उम्मीदें थी। जो उम्मीद पब टूटती नजर आ रही है। इस समझौते के बदौलत पाकिस्तान अपनी छवि को दुनिया के सामने बेहतर प्रस्तुत करना चाहता था। लेकिन अब उसकी अरमानों पर पानी फिर गया है। लेकिन पाकिस्तान अभी भी हार मानने को तैयार नहीं है।
पाकिस्तान ने क्या कहा?
बातचीत फेल होने के बाद पाकिस्तान के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ। इसके बावजूद पाकिस्तान ने अपनी कोशिशें जारी रखने की बात कही है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार(Ishaq Dar) ने कहा कि उन्होंने और सेना प्रमुख आसिम मुनीर(Asim Munir) ने दोनों पक्षों को साथ लाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में फिर से बातचीत शुरू हो सकती है और वो बातचीत के लिए प्रयास करता रहेगा। साथ ही डार ने कहा कि सीजफायर बरकरार रखने के लिए पाकिस्तान से जो भी बन पाएगा, वो करेगा।
जेडी वेंस ने क्या कहा?
अमेरिकी उप राष्ट्रपति ने कहा कि बातचीत का नतीजा निराशाजनक रहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका पूरी ईमानदारी के साथ इस वार्ता में शामिल हुआ था, लेकिन ईरान उनकी शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं हुआ। अमेरिका चाहता है कि ईरान साफ तौर पर यह भरोसा दे कि वह परमाणु हथियार बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाएगा। लेकिन ईरान इस पर पूरी तरह सहमत नहीं दिखा।
ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाए?
बातचीत टूटने के बाद ईरान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आई। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका जरूरत से ज्यादा और अनुचित मांगें रख रहा था। उनका मानना है कि ऐसी शर्तों के साथ किसी समझौते तक पहुंचना मुश्किल ही नहीं, लगभग नामुमकिन है।हालांकि फिलहाल बातचीत का रास्ता बंद होता नजर आ रहा है, लेकिन अभी दोनों पक्षों ने पूरी तरह से दरवाजे बंद नहीं किए हैं।


