धार जिले के सागौर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत दिग्ठान में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के बाद गांव में तनाव उत्पन्न हो गया। इस घटना के बाद डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस चौकी पर धरना प्रदर्शन किया। यह तनाव सोमवार को तब शुरू हुआ जब पंचायत ने सुरेश गोयल और उनके परिजनों का शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर रखी पानी की टंकी भी हटाई गई, जिससे कथित तौर पर आरोपी पक्ष नाराज हो गया। आरोप है कि इसी कार्रवाई से आक्रोशित होकर सुरेश गोयल और हरिओम गोयल ने पंचायत परिसर में स्थापित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर आपत्तिजनक धमकी दी थी। सोमवार देर रात पंचायत परिसर में लगी बाबा साहब की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही पंचायत प्रतिनिधियों और समाजजनों में भारी आक्रोश फैल गया। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण दिग्ठान चौकी के सामने एकत्रित हुए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण देर शाम तक चौकी पर डटे रहे। स्थिति की गंभीरता और बढ़ते तनाव को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। चौकी प्रभारी, थाना प्रभारी, तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने हरिओम गोयल को हिरासत में ले लिया है, जबकि सुरेश गोयल अभी फरार बताया जा रहा है। पंचायत ने तत्परता दिखाते हुए मंगलवार शाम को डॉ. भीमराव आंबेडकर की नई प्रतिमा मंगवाकर पुनः स्थापित कर दी, जिससे ग्रामीणों में कुछ हद तक संतोष देखने को मिला। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


