लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का अजीबो-गरीब कारनामा सामने आया है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी एक्सप्रेस-वे के किनारे बनी नाली के पाटे (स्लैब) पर 40 लाख रुपए खर्च कर दीवार खड़ी कर रहे हैं। जबकि पाटे करीब 10 साल पुराने हैं और टूट रहे हैं। रिंग रोड के आगे अमलीडीह एरिया में करीब डेढ़ किमी क्षेत्र और इसके आगे अलग-अलग पैच में काम पूरा हो गया है। दरअसल, एक्सप्रेस-वे के दोनों हिस्से को कवर्ड करना है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का दबाव बढ़ रहा है और लगातार दोनों ओर कॉलोनियां बस रही हैं। ऐसे में वाहन चालक एक्सप्रेस-वे पर कई जगहों पर कट बनाकर एंट्री कर रहे हैं। इससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसी आशंका को देखते हुए सड़क के दोनों ओर दीवार खड़ी करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए 17 करोड़ का बजट भेजा गया था, लेकिन शासन से मंजूरी नहीं मिली। अब पीडब्ल्यूडी अपने बजट से 40 लाख रु खर्च कर रहा है। भास्कर एक्सपर्ट – एसके जैन, रिटायर्ड ईई, पीडब्ल्यूडी नाली के स्लैब के ऊपर दीवार खड़ी करना सीधे तौर पर गलत
किसी भी नाले के पाटे पर किसी भी तरह का निर्माण कार्य पूरी तरह से गलत है। सामान्य रूप से नाली के ऊपर डाली जाने वाली स्लैब पर दीवार तो बनाया ही नहीं जा सकता। ड्रेनेज को कवर्ड करने के लिए जो स्लैब डाला गया है, उसके ऊपर किसी प्रकार का भार देने के पूर्व यह परीक्षण करना आवश्यक है कि स्लैब भार को वहन करने की क्षमता रखता है या नहीं। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में दुर्घटना होने तथा नुकसान होने की संभावना बनी रहती है। एक्सप्रेस-वे जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर इस तरह की अजब-गजब इंजीनियरिंग न केवल विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा को भी दांव पर लगा देती है। सीधी बात – क्या एक्सप्रेस-वे पर दीवार खड़ी कर रहे हैं?
जवाब: जिन जगहों से ज्यादा लोग आना-जाना कर रहे थे, वहां अस्थाई तौर पर दीवार बनाई जा रही है। क्या नाले के पाटे पर दीवार खड़ी कर दिए हैं?
जवाब: पीछे प्राइवेट लैंड है। नाली पर जो स्लैब है, उस पर एक मंजिला इमारत खड़ी हो जाएगी, इतनी मजबूत है। बारिश में नाली जाम हो गई तो कैसे सफाई होगी?
जवाब: चेंबर को छोड़कर दीवार खड़ी की जा रही है। इससे सफाई में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। जल भराव होने पर दुर्घटना की आशंका नाली के ऊपर दीवार बनने से बारिश के पानी के बहाव में रुकावट आ सकती है, जिससे सड़क पर जलभराव होगा। जलभराव की स्थिति में फिसलन बढ़ेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कई गुना बढ़ जाएगी। विभाग के पास नाली साफ करने का कोई ठोस उपाय नहीं होगा। क्योंकि चेंबर पर भी दीवार खड़ी कर दी गई है।


