अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने गुरुवार को मिनी सचिवालय के बाहर राज्य बजट की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। महासंघ ने बजट को कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, मानदेय कार्मिकों और पेंशनरों के लिए अत्यंत निराशाजनक बताते हुए सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया।
अध्यक्ष मनोज कुमार मीणा ने कहा कि बजट भाषण में कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर मात्र तीन मिनट चर्चा की गई और सदन में भी इस पर कोई उत्साह नहीं दिखा। महासंघ के अनुसार सरकार ने पदोन्नति व वेतन विसंगतियों के समाधान पर ठोस घोषणा नहीं की। आठवें वेतन आयोग को लेकर भी 2027 तक समिति गठन की बात कहकर कर्मचारियों को गुमराह किया गया है।

महासंघ ने आरोप लगाया कि समितियों के गठन से केवल सेवानिवृत्त अधिकारियों को लाभ मिलेगा, जबकि प्रदेश के करीब 8.50 लाख कर्मचारी, 5 लाख संविदा कर्मी और ढाई लाख से अधिक मानदेय कर्मियों के हितों की अनदेखी की गई है। इस मौके पर केसरी सिंह गुर्जर, फैयाज खान, दिनेश यादव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


