भाजपा और AIMIM का ‘गठबंधन’ टूटा, 5 पार्षदों ने वापस लिया समर्थन, विधायक को नोटिस जारी

भाजपा और AIMIM का ‘गठबंधन’ टूटा, 5 पार्षदों ने वापस लिया समर्थन, विधायक को नोटिस जारी

भाजपा के स्थानीय नेतृत्व ने अकोला जिले की अकोट नगरपालिका परिषद में असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम (AIMIM) के साथ गठबंधन कर सियासी हड़कंप मचा दिया। हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कड़े रुख के बाद अकोट में भाजपा और AIMIM का गठबंधन महज 24 घंटे के भीतर ही टूट गया है। AIMIM ने आधिकारिक तौर पर ‘अकोट विकास मंच’ से बाहर निकलने की घोषणा कर दी है, वहीं भाजपा ने अपने स्थानीय विधायक पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने विधायक प्रकाश भरसखले (BJP MLA Prakash Bharsakhale) को शो-कॉज नोटिस जारी कर अकोट में AIMIM के साथ पार्टी के गठबंधन पर जवाब मांगा है। अकोट में हिंदुत्ववादी विचारधारा वाली भाजपा और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के गठबंधन की खबर जैसे ही शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची, सीएम फडणवीस ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे अस्वीकार्य करार दिया। साथ ही भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का आदेश भी दिया।

फडणवीस के निर्देश के बाद भाजपा प्रदेश प्रमुख रविंद्र चव्हाण ने अकोट के विधायक प्रकाश भरसखले को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि पार्टी की विचारधारा के विपरीत जाकर गठबंधन करने पर आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए?

AIMIM के 5 पार्षदों ने वापस लिया समर्थन

दूसरी ओर, एआईएमआईएम नेतृत्व ने भी इस गठबंधन पर आपत्ति जताई है। AIMIM के प्रदेश उपाध्यक्ष यूसुफ पुंजानी ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर भाजपा समर्थित ‘अकोट विकास मंच’ से पार्टी के सभी 5 पार्षदों के समर्थन वापस लेने की जानकारी दी है।

AIMIM नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने कहा कि हमारा राजनीतिक रुख भाजपा के खिलाफ है। मैंने पार्टी के प्रभारी से तुरंत मुझे स्थिति की जानकारी देने को कहा है। AIMIM ने भाजपा से हाथ मिलाने वाले अपने पार्षदों को चेतावनी भी दी है।

अकोट नगर परिषद में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण यह बेमेल गठबंधन बनाया गया था। भाजपा ने ‘अकोट विकास मंच’ बनाया, जिसमें एआईएमआईएम के अलावा उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा), शिवसेना (शिंदे गुट), एनसीपी अजित पवार, एनसीपी शरद पवार गुट और बच्चू कडू की प्रहार जनशक्ति पार्टी शामिल थी।

भाजपा ने 35 सदस्यीय परिषद में 11 सीट जीतीं, एआईएमआईएम को दो सीट पर जीत मिली। अन्य पार्टियों के समर्थन से गठबंधन के सदस्यों की संख्या बढ़कर 25 हो गई और गठबंधन ने बहुमत का आंकड़ा पार किया, जिसके बाद भाजपा की माया धुले मेयर चुनी गईं। जबकि 6 सीट जीतने वाली कांग्रेस और 2 सीट पर जीत हासिल करने वाली प्रकाश अंबेडकर की पार्टी वंचित बहुजन आघाडी विपक्ष में हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *