दरभंगा के भंडारीसम पंचायत में विकास कार्यों पर आरोप-प्रत्यारोप:गांव के लोगों ने टेंडर प्रक्रिया, कार्यों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, मुखिया पति बोले- जांच के लिए तैयार हूं

दरभंगा के भंडारीसम पंचायत में विकास कार्यों पर आरोप-प्रत्यारोप:गांव के लोगों ने टेंडर प्रक्रिया, कार्यों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, मुखिया पति बोले- जांच के लिए तैयार हूं

दरभंगा के मनीगाछी प्रखंड के भंडारीसम पंचायत में विकास योजनाओं को लेकर विवाद सामने आया है। गांव के लोगों ने मुखिया अन्नू कुमारी और उनके पति आशीष कुमार यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि पंचायत में चल रहे विकास कार्यों के चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई। कई योजनाएं बिना ग्राम सभा आयोजित किए ही तय कर ली गईं। साथ ही आरोप लगाया गया कि मुखिया के पति आशीष कुमार यादव ने कथित रूप से गलत तरीके से आचरण प्रमाण पत्र बनवाकर ग्लोबल टेंडर में भाग लिया और करीब 22 योजनाओं का कार्य अपने हाथ में ले लिया। गांव के लोगों के अनुसार, इन योजनाओं के क्रियान्वयन में नियमों की अनदेखी की जा रही है और कार्यों की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। कुछ निर्माण कार्य गरीबों की निजी जमीन पर कराए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक करते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। सबसे पहले ये तीन तस्वीरें देखिए अब जानिए, गांव के लोगों ने मुखिया और उनके पति पर क्या-क्या आरोप लगाए? ग्रामीण रमन कुमार झा ने बताया कि पंचायत की मुखिया अन्नू कुमारी के प्रतिनिधि उनके पति आशीष कुमार यादव ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में नियमों को ताक पर रखा। उन्होंने कहा कि पंचायत का कार्यकाल खत्म होने के करीब है। पंचायत के 5 साल के कार्यकाल के लिए 113 करोड़ रुपए आवंटित हुए थे, जिसमें से 33.20 करोड़ खर्च हुए हैं। ऐसे में बची सरकारी राशि को खर्च दिखाने के लिए जल्दबाजी में काम कराया जा रहा है। कई जगह बिना उचित प्रक्रिया के निजी जमीनों पर भी योजनाएं लागू करने की कोशिश की जा रही है। रमन झा ने बताया कि जिला पंचायती राज पदाधिकारी पवन कुमार यादव की ओर से पंचायत में विकास कार्य नहीं होने को लेकर मुखिया अनु कुमारी को नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बाद अब राशि वापस न हो जाए, इस डर से जल्दबाजी में कार्य दिखाकर धन निकासी की जा रही है। गांव के अन्य लोगों ने ये भी आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के ग्लोबल टेंडर में आशीष यादव ने भाग लिया, जबकि उनके खिलाफ साल 2012 से आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इसके बावजूद उन्हें कैरेक्टर सर्टिफिकेट जारी किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक के प्रभाव में थाना स्तर से ये प्रमाण पत्र जारी किया गया, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। रमन कुमार झा ने कहा कि वर्तमान में भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। खासकर सड़कों का निर्माण, जिन सड़कों का निर्माण एक साल पहले किया गया, वो क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वर्तमान विधायक की ओर से भी अधिकारियों से शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। गांव के लोग बोले- पंचायत में एक भी ग्राम सभा का आयोजन नहीं किया गया रमन झा के मुताबिक, पंचायत में एक भी ग्राम सभा का आयोजन नहीं किया गया, जबकि योजनाओं के क्रियान्वयन में ग्राम सभा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इससे स्पष्ट होता है कि पंचायत में पारदर्शिता का अभाव है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचते हैं। ऐसे में सरकारी राशि की बंदरबांट पर रोक लगाने के लिए विभागीय जांच जरूरी है। रमन कुमार झा ने कहा कि वर्तमान सरकार में कानून का राज है और उन्हें विश्वास है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तर से लेकर जिलाधिकारी कौशल कुमार तक लिखित शिकायत दी गई है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा। अकलू झा बोले- मेरी जमीन पर जबरन घाट बनाया जा रहा है भंडारीसम पंचायत के ही अकलू झा ने बताया कि मेरे पंचायत के मुखिया की ओर से जबरदस्ती मेरी जमीन को काटकर उसमें घाट बनाया जा रहा है। मेरी जमीन की मिट्टी काटकर वहीं गिरा दी गई है। जब मैं मना करने गया तो मुखिया के पति आशीष यादव ने कहा कि हम घाट बनाएंगे, आप कुछ नहीं कर सकते हैं। इसके बाद अकलू झा ने कहा कि ये जमीन मेरी है, इस पर किसी तरह का सरकारी निर्माण कैसे किया जा सकता है, विरोध के बावजूद काम जारी रखा गया है। अकलू झा ने बताया कि मामले को लेकर मैंने स्थानीय थाना और सीओ को लिखित आवेदन दिया। इसके बाद फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। ग्रामीण जोगिंदर बोले- विकास के नाम पर सिर्फ जनता के पैसों की लूट ग्रामीण जोगिंदर यादव ने बताया कि पंचायत में विकास कार्य के नाम पर सिर्फ लूट हो रही है। उनका आरोप है कि जब से वर्तमान मुखिया यानी अन्नू कुमारी पद पर आई हैं, तब से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता नहीं रही। उन्होंने मुखिया के पति आशीष यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे पूर्व से ठेकेदारी करते रहे हैं और आधा-अधूरा काम कर सरकारी राशि की निकासी कर लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आशीष यादव पर आर्म्स एक्ट का मामला न्यायालय में लंबित है, इसके बावजूद उन्हें आचरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया, जिसकी जांच होनी चाहिए। जोगिंदर यादव ने आगे बताया कि पंचायत के एक सरकारी पोखर के चारों ओर निजी जमीन होने के बावजूद जबरन घाट निर्माण कराया जा रहा है। उनका आरोप है कि तालाब के सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि इसका उपयोग न तो पशुओं के लिए होगा और न ही ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने एक अन्य पोखर से अवैध रूप से मिट्टी कटाई कर करोड़ों रुपये के गबन का भी आरोप लगाया। ‘’फर्जी आचरण प्रमाण पत्र के आधार फर टेंडर हासिल करते हैं मुखिया पति” ग्रामीण शिवकुमार यादव ने भी मुखिया पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे फर्जी आचरण प्रमाण पत्र और पैसे के बल पर टेंडर हासिल करते हैं। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी खराब होती है। इस बार भी मुखिया पति को 24 करोड़ रुपए की 22 सड़कों के निर्माण का टेंडर मिला है। इनमें से जितने काम पूरे हुए हैं, उनकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। शिवकुमार यादव ने बताया कि आरटीआई के माध्यम से आचरण प्रमाण पत्र की जानकारी मांगी गई, लेकिन विभाग ने इसे निजी जानकारी बताकर देने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई योजनाओं की जांच के बावजूद पदाधिकारियों से मिलीभगत कर मामले को दबा दिया जाता है। ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई है। ग्रामीणों ने दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि अधूरे और गुणवत्ताहीन कार्यों को पूरा कराया जाए, ताकि आम जनता को योजनाओं का लाभ मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रखंड और थाना स्तर पर आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की है। अब जानिए, गांव के लोगों के आरोपों को लेकर मुखिया प्रतिनिधि का क्या कहना है? भंडारीसम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर उठे विवाद के बीच मुखिया प्रतिनिधि आशीष कुमार यादव ने ग्रामीणों की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी अन्नू कुमारी मुखिया हैं और पिछले पांच वर्षों से पंचायत में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। आशीष यादव ने कहा कि साल 2005 से ही वे पंचायत के विकास के लिए सक्रिय हैं और वर्तमान कार्यकाल में योजनाओं को गति देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आपराधिक आरोपों को साजिश करार देते हुए कहा कि उन्हें फंसाने के लिए कुछ लोगों द्वारा केस किया गया था, जो अभी न्यायालय में लंबित है। आर्म्स एक्ट मामले में नाम होने की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि केवल केस दर्ज होने से कोई दोषी नहीं हो जाता, दोष सिद्ध होने पर ही व्यक्ति को अपराधी माना जाता है। कैरक्टर सर्टिफिकेट पर उठे सवालों को लेकर उन्होंने कहा कि जब तक न्यायालय से दोष सिद्ध नहीं होता, तब तक प्रमाण पत्र जारी होने में कोई बाधा नहीं होती। यह पूरी तरह नियमानुसार प्रक्रिया है। तालाब के सौंदर्यीकरण को मुखिया पति ने अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताया तालाब के सौंदर्यीकरण को लेकर उन्होंने कहा कि ये मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिस पर करीब 50 लाख रुपए की लागत से 5 अलग-अलग योजनाओं के तहत काम कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग एक एकड़ क्षेत्र में फैले इस तालाब को विकसित कर पूरे मनीगाछी प्रखंड में एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करना लक्ष्य है। आशीष यादव ने बताया कि तालाब के चारों ओर पूर्व में अतिक्रमण था, जिसे हटाकर कार्य कराया जा रहा है। वहीं, सड़क निर्माण कार्यों पर उठे सवालों के संबंध में उन्होंने कहा कि ये विभागीय कार्य है और यदि गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित विभाग जांच कर कार्रवाई करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग व्यक्तिगत द्वेष के कारण बार-बार शिकायत कर रहे हैं। आशीष यादव ने कहा कि जो लोग उन पर आरोप लगा रहे हैं, वे स्वयं भी अनियमितताओं में शामिल रहे हैं। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी निष्पक्ष जांच के लिए कमिटी गठित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान सभी आरोपों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। डीएम ने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दरभंगा के मनीगाछी प्रखंड के भंडारीसम पंचायत में विकास योजनाओं को लेकर विवाद सामने आया है। गांव के लोगों ने मुखिया अन्नू कुमारी और उनके पति आशीष कुमार यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि पंचायत में चल रहे विकास कार्यों के चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई। कई योजनाएं बिना ग्राम सभा आयोजित किए ही तय कर ली गईं। साथ ही आरोप लगाया गया कि मुखिया के पति आशीष कुमार यादव ने कथित रूप से गलत तरीके से आचरण प्रमाण पत्र बनवाकर ग्लोबल टेंडर में भाग लिया और करीब 22 योजनाओं का कार्य अपने हाथ में ले लिया। गांव के लोगों के अनुसार, इन योजनाओं के क्रियान्वयन में नियमों की अनदेखी की जा रही है और कार्यों की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। कुछ निर्माण कार्य गरीबों की निजी जमीन पर कराए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक करते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। सबसे पहले ये तीन तस्वीरें देखिए अब जानिए, गांव के लोगों ने मुखिया और उनके पति पर क्या-क्या आरोप लगाए? ग्रामीण रमन कुमार झा ने बताया कि पंचायत की मुखिया अन्नू कुमारी के प्रतिनिधि उनके पति आशीष कुमार यादव ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में नियमों को ताक पर रखा। उन्होंने कहा कि पंचायत का कार्यकाल खत्म होने के करीब है। पंचायत के 5 साल के कार्यकाल के लिए 113 करोड़ रुपए आवंटित हुए थे, जिसमें से 33.20 करोड़ खर्च हुए हैं। ऐसे में बची सरकारी राशि को खर्च दिखाने के लिए जल्दबाजी में काम कराया जा रहा है। कई जगह बिना उचित प्रक्रिया के निजी जमीनों पर भी योजनाएं लागू करने की कोशिश की जा रही है। रमन झा ने बताया कि जिला पंचायती राज पदाधिकारी पवन कुमार यादव की ओर से पंचायत में विकास कार्य नहीं होने को लेकर मुखिया अनु कुमारी को नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बाद अब राशि वापस न हो जाए, इस डर से जल्दबाजी में कार्य दिखाकर धन निकासी की जा रही है। गांव के अन्य लोगों ने ये भी आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के ग्लोबल टेंडर में आशीष यादव ने भाग लिया, जबकि उनके खिलाफ साल 2012 से आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इसके बावजूद उन्हें कैरेक्टर सर्टिफिकेट जारी किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक के प्रभाव में थाना स्तर से ये प्रमाण पत्र जारी किया गया, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। रमन कुमार झा ने कहा कि वर्तमान में भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। खासकर सड़कों का निर्माण, जिन सड़कों का निर्माण एक साल पहले किया गया, वो क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वर्तमान विधायक की ओर से भी अधिकारियों से शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। गांव के लोग बोले- पंचायत में एक भी ग्राम सभा का आयोजन नहीं किया गया रमन झा के मुताबिक, पंचायत में एक भी ग्राम सभा का आयोजन नहीं किया गया, जबकि योजनाओं के क्रियान्वयन में ग्राम सभा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इससे स्पष्ट होता है कि पंचायत में पारदर्शिता का अभाव है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचते हैं। ऐसे में सरकारी राशि की बंदरबांट पर रोक लगाने के लिए विभागीय जांच जरूरी है। रमन कुमार झा ने कहा कि वर्तमान सरकार में कानून का राज है और उन्हें विश्वास है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तर से लेकर जिलाधिकारी कौशल कुमार तक लिखित शिकायत दी गई है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा। अकलू झा बोले- मेरी जमीन पर जबरन घाट बनाया जा रहा है भंडारीसम पंचायत के ही अकलू झा ने बताया कि मेरे पंचायत के मुखिया की ओर से जबरदस्ती मेरी जमीन को काटकर उसमें घाट बनाया जा रहा है। मेरी जमीन की मिट्टी काटकर वहीं गिरा दी गई है। जब मैं मना करने गया तो मुखिया के पति आशीष यादव ने कहा कि हम घाट बनाएंगे, आप कुछ नहीं कर सकते हैं। इसके बाद अकलू झा ने कहा कि ये जमीन मेरी है, इस पर किसी तरह का सरकारी निर्माण कैसे किया जा सकता है, विरोध के बावजूद काम जारी रखा गया है। अकलू झा ने बताया कि मामले को लेकर मैंने स्थानीय थाना और सीओ को लिखित आवेदन दिया। इसके बाद फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है। ग्रामीण जोगिंदर बोले- विकास के नाम पर सिर्फ जनता के पैसों की लूट ग्रामीण जोगिंदर यादव ने बताया कि पंचायत में विकास कार्य के नाम पर सिर्फ लूट हो रही है। उनका आरोप है कि जब से वर्तमान मुखिया यानी अन्नू कुमारी पद पर आई हैं, तब से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता नहीं रही। उन्होंने मुखिया के पति आशीष यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे पूर्व से ठेकेदारी करते रहे हैं और आधा-अधूरा काम कर सरकारी राशि की निकासी कर लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आशीष यादव पर आर्म्स एक्ट का मामला न्यायालय में लंबित है, इसके बावजूद उन्हें आचरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया, जिसकी जांच होनी चाहिए। जोगिंदर यादव ने आगे बताया कि पंचायत के एक सरकारी पोखर के चारों ओर निजी जमीन होने के बावजूद जबरन घाट निर्माण कराया जा रहा है। उनका आरोप है कि तालाब के सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि इसका उपयोग न तो पशुओं के लिए होगा और न ही ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने एक अन्य पोखर से अवैध रूप से मिट्टी कटाई कर करोड़ों रुपये के गबन का भी आरोप लगाया। ‘’फर्जी आचरण प्रमाण पत्र के आधार फर टेंडर हासिल करते हैं मुखिया पति” ग्रामीण शिवकुमार यादव ने भी मुखिया पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे फर्जी आचरण प्रमाण पत्र और पैसे के बल पर टेंडर हासिल करते हैं। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी खराब होती है। इस बार भी मुखिया पति को 24 करोड़ रुपए की 22 सड़कों के निर्माण का टेंडर मिला है। इनमें से जितने काम पूरे हुए हैं, उनकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। शिवकुमार यादव ने बताया कि आरटीआई के माध्यम से आचरण प्रमाण पत्र की जानकारी मांगी गई, लेकिन विभाग ने इसे निजी जानकारी बताकर देने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई योजनाओं की जांच के बावजूद पदाधिकारियों से मिलीभगत कर मामले को दबा दिया जाता है। ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई है। ग्रामीणों ने दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि अधूरे और गुणवत्ताहीन कार्यों को पूरा कराया जाए, ताकि आम जनता को योजनाओं का लाभ मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रखंड और थाना स्तर पर आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की है। अब जानिए, गांव के लोगों के आरोपों को लेकर मुखिया प्रतिनिधि का क्या कहना है? भंडारीसम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर उठे विवाद के बीच मुखिया प्रतिनिधि आशीष कुमार यादव ने ग्रामीणों की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी अन्नू कुमारी मुखिया हैं और पिछले पांच वर्षों से पंचायत में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। आशीष यादव ने कहा कि साल 2005 से ही वे पंचायत के विकास के लिए सक्रिय हैं और वर्तमान कार्यकाल में योजनाओं को गति देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आपराधिक आरोपों को साजिश करार देते हुए कहा कि उन्हें फंसाने के लिए कुछ लोगों द्वारा केस किया गया था, जो अभी न्यायालय में लंबित है। आर्म्स एक्ट मामले में नाम होने की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि केवल केस दर्ज होने से कोई दोषी नहीं हो जाता, दोष सिद्ध होने पर ही व्यक्ति को अपराधी माना जाता है। कैरक्टर सर्टिफिकेट पर उठे सवालों को लेकर उन्होंने कहा कि जब तक न्यायालय से दोष सिद्ध नहीं होता, तब तक प्रमाण पत्र जारी होने में कोई बाधा नहीं होती। यह पूरी तरह नियमानुसार प्रक्रिया है। तालाब के सौंदर्यीकरण को मुखिया पति ने अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताया तालाब के सौंदर्यीकरण को लेकर उन्होंने कहा कि ये मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिस पर करीब 50 लाख रुपए की लागत से 5 अलग-अलग योजनाओं के तहत काम कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग एक एकड़ क्षेत्र में फैले इस तालाब को विकसित कर पूरे मनीगाछी प्रखंड में एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करना लक्ष्य है। आशीष यादव ने बताया कि तालाब के चारों ओर पूर्व में अतिक्रमण था, जिसे हटाकर कार्य कराया जा रहा है। वहीं, सड़क निर्माण कार्यों पर उठे सवालों के संबंध में उन्होंने कहा कि ये विभागीय कार्य है और यदि गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित विभाग जांच कर कार्रवाई करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग व्यक्तिगत द्वेष के कारण बार-बार शिकायत कर रहे हैं। आशीष यादव ने कहा कि जो लोग उन पर आरोप लगा रहे हैं, वे स्वयं भी अनियमितताओं में शामिल रहे हैं। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी निष्पक्ष जांच के लिए कमिटी गठित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान सभी आरोपों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। डीएम ने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

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