सुल्तानपुर की पिन्टू देवी ने अपर सिविल जज प्रथम न्यायालय में एक याचिका दायर की है। उन्होंने पंकज जायसवाल नामक व्यक्ति पर अपने पति राजेंद्र पाण्डेय से धोखाधड़ी कर जमीन का अनुबंध (इकरारनामा) कराने का आरोप लगाया है। पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने के बाद पिन्टू देवी ने कोर्ट का रुख किया।
पिन्टू देवी के अनुसार, पंकज जायसवाल ने वर्ष 2023 में उनके पति राजेंद्र पाण्डेय से गाटा संख्या 404, 792, 793, 795, 824 और 598 का अनुबंध कराया था। आरोप है कि सरकारी अनुबंध विलेख पर केवल तीन गाटे (404, 792, 793) ही दर्शाए गए और उन पर कम न्याय शुल्क/स्टाम्प शुल्क का भुगतान किया गया, जिससे यह एक गलत अनुबंध बन गया। पिन्टू देवी मूल रूप से सुल्तानपुर के थाना जयसिंहपुर की निवासी हैं और वर्तमान में दिल्ली में रहती हैं।
धोखाधड़ी की जानकारी होने पर पिन्टू देवी और उनके पति 13 सितंबर 2025 को शाम करीब 5 बजे पंकज जायसवाल के घर गए। उन्होंने पंकज से कपटपूर्वक कराए गए अनुबंध को समाप्त करने को कहा। इस पर पंकज और उसके तीन-चार अज्ञात साथियों ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। अगले दिन, पंकज जायसवाल अपने तीन-चार अज्ञात साथियों के साथ पिन्टू देवी के घर पहुंचा। उसने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और दोबारा गाली-गलौज व मारपीट करने का प्रयास किया।
पिन्टू देवी ने पंकज को ‘चालबाज और फितरती’ किस्म का व्यक्ति बताया है, जो उन्हें लगातार जानमाल की धमकी दे रहा है। पिन्टू देवी ने घटना की सूचना स्थानीय थाने में दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने 16 सितंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक, सुल्तानपुर को भी शिकायत भेजी, परंतु उनके स्तर से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस और प्रशासन से मदद न मिलने पर पिन्टू देवी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने न्यायालय से स्थानीय थाने को उनकी रिपोर्ट दर्ज करने और मामले की उचित विवेचना करने का निर्देश देने की प्रार्थना की। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तहरीर के अनुसार अभियोग दर्ज कर लिया है।


