इलाहाबाद हाईकोर्ट करेगा संभल के नेजा मेले पर फैसला:धार्मिक नेजा कमेटी ने प्रशासन पर लगाया साजिश का आरोप, याचिका दाखिल

इलाहाबाद हाईकोर्ट करेगा संभल के नेजा मेले पर फैसला:धार्मिक नेजा कमेटी ने प्रशासन पर लगाया साजिश का आरोप, याचिका दाखिल

संभल में परंपरागत नेजा मेले के आयोजन को लेकर एक बार फिर संभल में हलचल तेज हो गई है। बीते साल प्रशासनिक रोक के चलते मेला नहीं लग सका था। लेकिन इस बार धार्मिक नगर नेजा कमेटी ने पीछे हटने से इनकार कर दिया है। मेले के आयोजन को लेकर मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। धार्मिक नगर नेजा कमेटी के अध्यक्ष शाहिद मसूदी ने सोमवार को बताया कि नेजा मेला सैयद सालार मसूद ग़ाज़ी रहमतुल्ला अलैह की याद में बीते करीब 1000 वर्षों से परंपरागत रूप से आयोजित होता आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में प्रशासन ने जानबूझकर साजिश के तहत मेले को रोका था। मसूदी के अनुसार, कमेटी की ओर से समय से उपजिलाधिकारी को लिखित सूचना दी गई थी, बावजूद इसके झंडारोपण से ठीक एक दिन पहले उन्हें कोतवाली बुलाकर मेले को गैरकानूनी बताते हुए रोक लगा दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि झंडा गाड़ने वालों को देशद्रोही तक करार दिया गया और उन्हें 24 घंटे के लिए नजरबंद कर दिया गया, जिससे वे अदालत का दरवाजा भी नहीं खटखटा सके। कमेटी का कहना है कि इस वर्ष उन्होंने पहले से ही तैयारी कर ली है। 10 दिसंबर को जिलाधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र सौंप दिया गया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 10 मार्च को नेजा मेले की ढाल गाड़ी जाएगी, जिसके बाद मेला आयोजित किया जाएगा। किसी भी प्रशासनिक अड़चन से निपटने के लिए कमेटी ने 20 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर दी है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले साल मेला न लगने से स्थानीय व्यापारियों, खासकर दलित और पिछड़े वर्ग के दुकानदारों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा था। शाहिद मसूदी ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि हर धर्म को अपने त्योहार मनाने का संवैधानिक अधिकार है, जो देश की धर्मनिरपेक्षता की पहचान है। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि इस साल नेजा मेला लगेगा या एक बार फिर उस पर रोक लगेगी।

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