राजस्थान विधानसभा में शनिवार को सरकार के दो वर्ष के प्रगति एवं उत्कर्ष प्रतिवेदन पर होने वाली महत्वपूर्ण चर्चा के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। चर्चा के दौरान सदन में उठने वाले सवालों और मुद्दों पर मुख्यमंत्री को तत्काल सटीक जानकारी मुहैया कराने के लिए शिक्षा विभाग के सभी प्रमुख कार्यालय शनिवार के राजकीय अवकाश के बावजूद खुले रहेंगे।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति की ओर से लिए निर्णय की पालना में 21 फरवरी को सदन में सरकार के दो साल के कामकाज पर विस्तृत बहस होनी है। योजना विभाग के निर्देशों के क्रम में यह तय किया है कि इस चर्चा के दौरान यदि स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़ा कोई भी मुद्दा या सवाल सदन में उठता है, तो अधिकारियों को तत्काल उस पर अपनी टिप्पणी और प्रमाणित प्रत्युत्तर तैयार कर भेजना होगा। इससे उन सूचनाओं को मुख्यमंत्री के आधिकारिक जवाब में शामिल किया जा सकेगा।
ये सभी कार्यालय रहेंगे खुले
सदन की कार्यवाही के दौरान सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और तत्परता को देखते हुए 21 फरवरी को राजकीय अवकाश के दिन भी कार्यालय सामान्य कार्यदिवस की तरह संचालित होंगे। इसके तहत संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी मुस्तैदी के साथ अपने-अपने अनुभागों में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि विधानसभा से मांगी गई किसी भी जानकारी को बिना किसी देरी के जयपुर भेजा जा सके।


