MP News: मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में सत्तापक्ष के विधायकों के बीच इन दिनों सब कुछ सामान्य नहीं दिख रहा है। खासतौर पर भाजपा संगठन (BJP) के भीतर मनगवां और त्योंथर के विधायकों के बीच बढ़ती तकरार ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। ताजा विवाद मनगवां से विधायक नरेंद्र प्रजापति और त्योंथर से विधायक सिद्धार्थ तिवारी से जुड़ा है। दोनों नेताओं के बीच पुरानी अदावत पहले से चर्चा में रही है, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने इस विवाद को खुलकर सामने ला दिया है।
कॉलेज की जमीन पर सवाल से बढ़ा विवाद
विवाद तब गहरा गया जब नरेंद्र प्रजापति ने सिद्धार्थ तिवारी के संस्थान से जुड़े एक कॉलेज के आसपास की सरकारी जमीन को लेकर सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने सरकार से सीमांकन (डिमार्केशन) को लेकर प्रश्न पूछते हुए स्पष्ट जानकारी मांगी। जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, राजनीतिक गलियारों में घमासान मच गया। मीडिया से बातचीत में नरेंद्र प्रजापति ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कॉलेज के आसपास सरकारी जमीन स्थित है, इसलिए उन्होंने सीमांकन की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यह जनहित से जुड़ा मुद्दा है और पारदर्शिता जरूरी है।
पार्टी फोरम पर पहुंचे सिद्धार्थ तिवारी
दूसरी ओर, सिद्धार्थ तिवारी ने सार्वजनिक रूप से इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन की कार्यवाही समाप्त होते ही वे प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात करने पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्होंने मनगवां विधायक द्वारा उठाए गए सवाल और अन्य संबंधित मामलों से संगठन को अवगत कराया।
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पूरा मामला उनके संज्ञान में है और संगठन जल्द ही इस पर निर्णय लेगा। फिलहाल विंध्य भाजपा में जारी यह अंदरूनी कलह राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बनी हुई है। (MP News)


