कुशीनगर में गोंड जाति पर असंवैधानिक टिप्पणी का आरोप:अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

कुशीनगर में गोंड जाति पर असंवैधानिक टिप्पणी का आरोप:अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

कुशीनगर में अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्था के अध्यक्ष विजय बहादुर चौधरी (थारू) पर गोंड जाति के खिलाफ असंवैधानिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। संघ ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चौधरी के मूल निवास और नागरिकता की जांच तथा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। संघ के जिलाध्यक्ष गोरख प्रसाद गोंड ने बताया कि विजय बहादुर चौधरी ने 22 जनवरी 2026 को नेपाल के थारू समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में गोंड जाति के खिलाफ टिप्पणी करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को एक ज्ञापन भेजा था। संघ का आरोप है कि यह टिप्पणी पूरी तरह असंवैधानिक और भ्रामक है। गोंड ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 दिसंबर 1977 को एक शासनादेश जारी कर गोंड जाति पर लगे सभी क्षेत्रीय प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया था। इस शासनादेश में पूरे प्रदेश में निवास करने वाले गोंड समुदाय को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। संघ ने यह भी बताया कि 1977 के शासनादेश के बाद भी, समाज कल्याण विभाग ने 1987, 2005, 2010, 2020 और 2021 में कई बार निर्देश जारी किए। इन निर्देशों में मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों से कहा गया था कि प्रदेश में निवास करने वाली गोंड जाति और उसकी उपजातियों को जाति प्रमाण पत्र सहित सभी संवैधानिक अधिकार बिना किसी बाधा के प्रदान किए जाएं। ज्ञापन में इस बात का भी उल्लेख है कि हाल ही में मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्था द्वारा गोंड समुदाय के प्रमाण पत्रों को लेकर दाखिल की गई रिट याचिका (संख्या 120/2026) को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने 29 जनवरी 2026 को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में जारी गोंड जाति के सभी अनुसूचित जाति/जनजाति प्रमाण पत्र पूरी तरह वैध हैं। अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा है कि विजय बहादुर चौधरी द्वारा भेजे गए ज्ञापन को तत्काल निरस्त किया जाए। इसके साथ ही, उनके मूल निवास और नागरिकता की गहन जांच कराई जाए तथा असंवैधानिक टिप्पणी के मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए। संघ ने की गई कार्रवाई से संगठन को अवगत कराने की भी मांग की है।

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