जिले में नए पुलिस थाना-चौकी की घोषणा के कई साल हो गए, लेकिन अब तक ये शुरू नहीं हो पाए हैं। इसका असर क्राइम कंट्रोल में दिख रहा है, तो दूसरी ओर आम लोगों को भी परेशानी हो रही है। जिन इलाकों में थाने-चौकी शुरू होना था, उन इलाकों में वर्तमान में पुलिस की मौजूदगी भी कम है। साथ ही आपराधिक गतिविधियां भी बढ़ रही है। सिविल लाइन के राजातालाब में नया पुलिस थाना बनाने की स्वीकृति दो साल पहले मिल चुकी, लेकिन अब तक नहीं बन पाया है। औद्योगिक इलाका सिलतरा पुलिस चौकी को थाना बनाने के लिए तीन साल पहले आदेश जारी हो चुका है। अब तक थाना नहीं बना। इसी तरह खरोरा के सारागांव में पुलिस चौकी बनानी थी, वह भी नहीं बन पाई है।
दो हिस्सों में बंटेगा सिविल लाइन थाना
सिविल लाइन थाना को अब दो हिस्सों में बांटा जाएगा। राजातालाब पुलिस चौकी को अब थाना बनाया जाएगा। इसमें कैनाल रोड से लेकर शंकर नगर और लोधीपारा चौक के बीच वाला इलाका शामिल होगा। इसमें ताजनगर, कालीनगर जैसे घनी आबादी वाला क्षेत्र रहेगा। बाकी क्षेत्र सिविल लाइन में रहेगा।
जगह-बजट सब मिला, फिर भी देरी
राजातालाब थाना के लिए जगह और बजट दोनों मिल गया है। इसके बाद भी इसके निर्माण में देरी हो रही है। वर्ष 2024 में थाना बनाने की स्वीकृति दे दी गई थी। हालांकि हाल ही में थाना भवन निर्माण का काम शुरू किया गया है। उल्लेखनीय है कि यह इलाका काफी संवेदनशील माना जाता है। घनी आबादी वाला इलाका होने के कारण अवैध और आपराधिक गतिविधियां भी ज्यादा रहती है। इस कारण आम लोगों को ज्यादा परेशानी होती है। पुलिस की मौजूदगी कम होने से असुरक्षा की भावना भी रहती है।
तीन साल बाद भी नहीं बना थाना
सिलतरा जिले का सबसे बड़ा औद्योगिक इलाका है। रोज करोड़ों का लेन-देन होता है। दूसरे राज्यों के हजारों लोगों का आना-जाना रहता है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर केवल एक पुलिस चौकी है। यह शटर वाली दुकान में चल रही है। उद्योगपति प्रवीण सोमानी के अपहरण की घटना के बाद कारोबारियों ने सिलतरा पुलिस चौकी को थाना बनाने की मांग की थी। बाद में शासन ने इसे थाना के रूप में स्वीकृति भी दे दी। वर्ष 2023 में आदेश भी जारी हो गया, लेकिन अब तक यह थाना नहीं बन पाया है। इसी तरह खरोरा के सारागांव को पुलिस चौकी बनाना था, लेकिन अब तक शुरू नहीं हो पाया है।


