मुजफ्फरपुर में बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन अलर्ट जारी किया है। जिला स्तर पर विशेष टीम का गठन किया गया है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ.मनोज कुमार मेहता के नेतृत्व में सात सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई है। इस टीम में सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार, पशुपालन विभाग के मोबाइल वेटेनरी अधिकारी समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। संभावित खतरे को देखते हुए सतर्कता प्रखंड स्तर पर भी छह सदस्यीय टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को अपने-अपने क्षेत्र में पोल्ट्री फार्म, मुर्गी पालन केंद्रों और ग्रामीण इलाकों की नियमित निगरानी का निर्देश दिया गया है। अधिकारियोंका कहना है कि अब तक जिले से 315 सैंपल जांच के लिए पटना भेजे गए हैं। कोई पॉजिटिव नहीं मिला है। जिले में कहीं से बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं अचानक बड़ी संख्या में मुर्गियों या पक्षियों कीमौत होती है तो तुरंत नजदीकी पशुपालन कार्यालय को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाईकी जा सके। स्वास्थ्य विभाग की टीम मॉनिटरिंग कर रही है बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से मॉनिटरिंग कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अगर जिले में एक भी केस की पुष्टि होती है तो तत्काल प्रभाव से संबंधित क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायरे को सील कर दिया जाएगा। संक्रमित क्षेत्र में मौजूद मुर्गियों और बत्तखों को नष्ट किया जाएगा। आसपास के पोल्ट्री फार्म में दवा और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाएगा। साथ ही, संभावित संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क रहेगा और आवश्यकतानुसार मानव स्वास्थ्य की जांच एवं उपचार की व्यवस्था कीजाएगी। अभी तक एक भी मामला सामने नहीं आया जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार मेहता ने बताया कि जिले में बर्ड फ्लू से बचाव को लेकर विशेष टीम गठित कर दी गई है। अब तक 315 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। कहीं से भी बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। एहतियातन पूरी सतर्कता बरती जा रही है। मुजफ्फरपुर में बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन अलर्ट जारी किया है। जिला स्तर पर विशेष टीम का गठन किया गया है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ.मनोज कुमार मेहता के नेतृत्व में सात सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई है। इस टीम में सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार, पशुपालन विभाग के मोबाइल वेटेनरी अधिकारी समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। संभावित खतरे को देखते हुए सतर्कता प्रखंड स्तर पर भी छह सदस्यीय टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को अपने-अपने क्षेत्र में पोल्ट्री फार्म, मुर्गी पालन केंद्रों और ग्रामीण इलाकों की नियमित निगरानी का निर्देश दिया गया है। अधिकारियोंका कहना है कि अब तक जिले से 315 सैंपल जांच के लिए पटना भेजे गए हैं। कोई पॉजिटिव नहीं मिला है। जिले में कहीं से बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं अचानक बड़ी संख्या में मुर्गियों या पक्षियों कीमौत होती है तो तुरंत नजदीकी पशुपालन कार्यालय को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाईकी जा सके। स्वास्थ्य विभाग की टीम मॉनिटरिंग कर रही है बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से मॉनिटरिंग कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अगर जिले में एक भी केस की पुष्टि होती है तो तत्काल प्रभाव से संबंधित क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायरे को सील कर दिया जाएगा। संक्रमित क्षेत्र में मौजूद मुर्गियों और बत्तखों को नष्ट किया जाएगा। आसपास के पोल्ट्री फार्म में दवा और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाएगा। साथ ही, संभावित संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क रहेगा और आवश्यकतानुसार मानव स्वास्थ्य की जांच एवं उपचार की व्यवस्था कीजाएगी। अभी तक एक भी मामला सामने नहीं आया जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार मेहता ने बताया कि जिले में बर्ड फ्लू से बचाव को लेकर विशेष टीम गठित कर दी गई है। अब तक 315 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। कहीं से भी बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। एहतियातन पूरी सतर्कता बरती जा रही है।


