Alcohol Addiction Symptoms: 27 साल के सीन हॉलैंड ने 18 साल की उम्र में शराब पीना शुरू किया। शुरुआत बीयर से हुई, फिर वाइन और धीरे-धीरे वह तेज शराब यानी वोडका तक पहुंच गया। उसे लगता था कि शराब पीने से उसकी एंग्जायटी और पैनिक अटैक कम होते हैं। शुरुआत में उसे इससे कॉन्फिडेंस मिलता था, लेकिन धीरे-धीरे शराब उसकी जरूरत बन गई।
सुबह की शुरुआत वोडका से
21 साल की उम्र तक हालात बिगड़ चुके थे। अगर वह सुबह शराब नहीं पीता तो उसके हाथ कांपने लगते थे। वह लैंडस्केपिंग का काम करता था और काम के दौरान भी बीयर पी लेता था। बाद में उसकी हालत ऐसी हो गई कि वह रोज सुबह नाश्ते में आधा पिंट वोडका पीने लगा। धीरे-धीरे यह मात्रा बढ़कर लगभग तीन लीटर वोडका रोज तक पहुंच गई। वह रोज करीब 50 पाउंड शराब पर खर्च कर देता था।
शरीर ने देना शुरू किया जवाब
लगातार शराब पीने से उसका शरीर कमजोर होने लगा। उसे दौरे (सीजर) पड़े और उसके माता-पिता तुरंत उसे अस्पताल ले गए। जांच में पता चला कि उसका लिवर बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। उसकी त्वचा और आंखें पीली पड़ गईं, जिसे पीलिया कहते हैं। यह लिवर खराब होने का बड़ा संकेत होता है। डॉक्टरों ने बताया कि उसे हेपेटाइटिस, किडनी डैमेज, सूजी हुई तिल्ली और पैंक्रियाटाइटिस जैसी गंभीर समस्याएं हो गई हैं। उसका लिवर फैटी हो चुका था और उस पर पड़े निशान पूरी तरह ठीक नहीं हो सकते।
क्या है Alcoholic Hepatitis?
Alcoholic hepatitis लिवर की एक गंभीर बीमारी है, जो लंबे समय तक ज्यादा शराब पीने से होती है। इसमें लिवर में सूजन आ जाती है और वह ठीक से काम नहीं कर पाता।
इसके मुख्य लक्षण हैं:
- त्वचा और आंखों का पीला होना (पीलिया)
- बहुत ज्यादा थकान
- पेट में दर्द या सूजन
- उल्टी और मतली
- गहरा पेशाब
- जल्दी चोट लगना या खून बहना
- गंभीर मामलों में यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है।
रिहैब से नई जिंदगी की शुरुआत
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सीन करीब एक साल तक रिहैब सेंटर में रहा। अब वह 11 महीने से शराब से दूर है। वह खुद मानता है कि उसके लिवर का नुकसान पूरी तरह ठीक नहीं हो सकता, लेकिन उसने नई शुरुआत की है। अब वह शराब की लत से जूझ रहे लोगों की मदद करता है और बताता है कि “हर अंधेरे के बाद रोशनी जरूर होती है।”
युवा क्यों रहें सावधान?
आजकल कई युवा तनाव या पार्टी के नाम पर ज्यादा शराब पीने लगते हैं। खाली पेट शराब पीना और भी खतरनाक है क्योंकि इससे लिवर पर ज्यादा दबाव पड़ता है। बार-बार ज्यादा शराब पीने से पहले फैटी लिवर, फिर हेपेटाइटिस और आखिर में सिरोसिस हो सकता है, जो स्थायी नुकसान है।


