राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने बुधवार को रैली की तैयारियों को लेकर जिला और महानगर कार्यकारिणी के साथ बैठक कर रणनीति पर चर्चा की। बैठक में राजकुमार भाटी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार विपक्षी नेताओं का सम्मान नहीं करती। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रियाओं, ट्रांसफर-पोस्टिंग और प्रशासनिक कामकाज में भारी अनियमितताएं हो रही हैं। उनके मुताबिक सरकार के पास अब सिर्फ तीन हथियार बचे हैं-मुकदमा, मुठभेड़ और बुलडोजर।
उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ नेता आजम खान पर 94 फर्जी मुकदमे लगाए गए, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि लोकसभा चुनाव में बना विपक्षी गठबंधन आगे भी जारी रह सकता है।
140 विधानसभा क्षेत्रों की ‘समानता भाईचारा रैली’
भाटी के अनुसार यह रैली पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है। अब तक 50 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में पीडीए चौपाल आयोजित की जा चुकी हैं।
बैठक में जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा, महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास, प्रदेश सचिव लल्ला सिंह गुर्जर, पवन प्रजापति, मधुकर अरोरा, देवेन्द्र सिंह यादव, बलविंदर सिंह जाटव और संतोष पाल समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


