समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि 2027 में जनता समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने जा रही है। अंधभक्तों की जमात भाजपा राजनीतिक पार्टी नहीं गैंग है। भाजपाई समाजवादी पार्टी को बदनाम करने के षड्यंत्र रच रही है। भाजपा की षड्यंत्रकारी चुनौतियों से निपटने के लिए समाजवादी पार्टी तैयार है। अखिलेश यादव आज समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। अखिलेश के संबोधन से पहले यूट्यूबर्स को पार्टी की छवि को कैसे बेहतर बनाएं, किस तरह के कंटेंट बनाएं और स्थानीय मुद्दों को अधिक तवज्जोह दें। तार्किक बहस और गुस्से पर कंट्रोल से बनेगी बेहतर छवि इस मौके पर सपा की ओर से चुनाव के लिए हायर की गई एजेंसी की ओर से यूट्यूबर्स को कुछ टिप्स दिए गए। यूट्यूबर्स से कहा गया कि फेक न्यूज़ का शिकार न बनें और न फैलाएं। यानी खुद भी फेक खबरों में न फँसें और दूसरों को भी जागरूक करें। भाजपा या दूसरी पार्टियों की अफवाहों झूठी खबरों पर भड़कें नहीं, पहले चेक करें। एआई की चुनौतियों पर कहा गया कि आजकल डीपफेक और एआई से बने फर्जी वीडियो बहुत आ रहे हैं। जैसे किसी नेता के मुंह से फर्जी बातें निकलवाना। इन पर विशेष नजर रखें, इन्हें एक्सपोज करें और लोगों को बताएं कि ये नकली हैं। सोशल मीडिया पर तार्किक और रचनात्मक चर्चा करें। गुस्से में, बिना सोचे-समझे कमेंट न करें। बहस करें तो तर्क से करें, गाली-गलौज या व्यक्तिगत हमला न करें। इससे पार्टी की छवि अच्छी बनेगी। बैठक में साफ कहा गया कि गाली-गलौज या अपशब्द वाली भाषा से बचें। ट्रोलिंग या गाली-गलौज न करें। सभ्य तरीके से बात रखें, ताकि लोग सपा को जिम्मेदार और सुसंस्कृत माने। छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण खबरों को प्रमोट और शेयर करें। सिर्फ बड़ी-बड़ी हेडलाइंस पर ही ध्यान न दें। छोटी लेकिन असली या महत्वपूर्ण खबरें जैसे गरीबों की समस्या, सरकारी योजनाओं की खामियां को ज्यादा वायरल करें। भारत के नागरिकों का जीवन संकट में इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में लोकतंत्र पर बहुत खतरा है। लोकतंत्र में संवाद आवश्यक है। सामाजिक, सदभाव से ही लोकतंत्र साकार होता है। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिकों का जीवन संकट में है। आज की राजनीति में सकारात्मक दिशा पीडीए के रास्ते ही तय हो सकती है। बिना सकारात्मक सोच के कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता है। बिना विचारों के अभियान दिशाहीन और भ्रम का शिकार हो सकता है। अखिलेश ने कहा कि सोशलिस्ट और सोशल के बीच रिश्ता है। सकारात्मकता से निष्ठा बनती है। वैचारिकी सिद्धांतों और आंदोलनों से देश और समाज की दिशा बदलती रही है। भाजपा सरकारों से जनता में हताशा और निराशा है। सरकार और प्रशासन बेजा इस्तेमाल करके भाजपा समाजवादी पार्टी के सामने चुनौतियां पैदा करना चाहती हैं। समाजवादी पार्टी भाजपा की हर चुनौती का मुकाबला करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि भाजपा झूठ और अफवाह को अपनी ताकत मानती है। समाजवादी सबके साथ है। वह झूठ का भरपूर विरोध करते है। समाजवादी साथियों को यह लड़ाई बड़ी मानकर लड़ना चाहिए। अखिलेश यादव ने सलाह दी है कि हमारे व्यवहार और भाषा में सादगी होनी चाहिए। हमें अनुशासित रहना होगा। किसी को आक्रोशित नहीं करना है। समाजवादी सिद्धांतनिष्ठ पार्टी है वह कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करती है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने लैपटॉप देकर सामाजिक बराबरी पर लाने और युवाओं के जीवन में विकास तथा प्रगति के नए रास्ते खोलने की शुरुआत की थी। भाजपा डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल अपने स्वार्थ के लिए करती है। भाजपा के अपवाह तंत्र का मुकाबला सच से करना हैं भाजपा के कुप्रचार से सावधान रहना है।


